बिहार राज्य किसान सभा की बैठक में केंद्र और राज्य सरकार को कहा गया किसान विरोधी!

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रिपोर्टर– राजीव कुमार झा

राजय सचिव ने कहा राज्य केन्द्र एवं राज्य सरकार किसान विरोधीमधुबनी बिहार राज्य किसान सभा मधुबनी जिला इकाई की बैठक आयोजित किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए राज्य महासचिव रामचंद्र महतो ने कहा बिहार में प्राकृतिक आपदाओं एवं शासकीय दोयम अर्थात कॉरपोरेट पक्षी नीति को बढ़ावा के कारण किसानों के सामने खेती से विमुख होने की प्रवृति में लगातार वृद्धि हो रही है । बिहार में उद्योग धंधे का अभाव है । यहां के 80 प्रतिशत से अधिक आबादी कृषि पर निर्भर है । बिहार राज्य किसान सभा सी 2+50% के फार्मूला पर किसानों के उत्पादनों का मूल्य देने ,प्राकृतिक आपदाओं में आर्थिक क्षति के भरपाई के लिए किसान बीमा योजना लागू करने , मनरेगा कानून को पुनः बहाल करते हुए कृषि से जोड़कर योजनाओं का संचालन सुनिश्चित करने , किसानों को 60 वर्ष के बाद 10,000 रु मासिक पेंशन देने सहित कृषि आधारित बंद सभी चीनी मिलों को चालू करने , सभी किसानों को 85 प्रतिशत अनुदान पर नलकूप देने एवं उन्नत किस्म का बीज तथा समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने सहित अन्य मांगों को लेकर 25 मई 2026 को संपूर्ण बिहार में जिला समाहरणालय पर किसानों का जुझारू प्रदर्शन करेगी । उक्त बातें संगठन के राज्य महासचिव रामचंद्र महतो ने कहा । उन्होंने कहा केंद्र सरकार बीज एवं विद्युत कानून बनाकर किसानों सहित आमलोगों के ऊपर आर्थिक बोझ डालने का काम कर रही है । किसान सभा मांग कर रही है कि दोनों कानून जो जनविरोधी है उसे वापस लिया जाय।
रामचंद्र महतो ने कहा बिहार में अलग अलग जिलों में खास फसलों का उत्पादन होता है जैसे आम ,मखाना , मक्का , धान, मछली ,सहित सभी तरह के उत्पादकों का अलग अलग बैठक एवं सम्मेलन कर उनके समस्याओं के निदान के लिए संघर्ष तेज किया जाएगा ।
बैठक में अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य मिथिलेश झा , बिहार राज्य किसान सभा राज्य परिषद मनोज मिश्रा, रामनारायण बनरैत , राकेश कुमार पांडेय ,जिला मंत्री लक्ष्मण चौधरी , जिला नेतृत्व के साथी बलराम यादव , गणेश झा , अरुण झा ,पैक्स अध्यक्ष महेश यादव , अनिल कुमार झा , अशेश्वर यादव , शिवशंकर ठाकुर ,मंगल राम , प्रबोध झा सहित कई किसान नेता संबोधित किए ।
बैठक की अध्यक्षता सत्यनारायण यादव ने की ।
किसानों के ज्वलंत मुद्दों को लेकर 25 मई को मधुबनी समाहरणालय के समक्ष किसान का जुझारू प्रदर्शन करने का निर्णय किया गया ।

मधुबनी बिहार राज्य किसान सभा मधुबनी जिला इकाई की बैठक आयोजित किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए राज्य महासचिव रामचंद्र महतो ने कहा बिहार में प्राकृतिक आपदाओं एवं शासकीय दोयम अर्थात कॉरपोरेट पक्षी नीति को बढ़ावा के कारण किसानों के सामने खेती से विमुख होने की प्रवृति में लगातार वृद्धि हो रही है । बिहार में उद्योग धंधे का अभाव है । यहां के 80 प्रतिशत से अधिक आबादी कृषि पर निर्भर है । बिहार राज्य किसान सभा सी 2+50% के फार्मूला पर किसानों के उत्पादनों का मूल्य देने ,प्राकृतिक आपदाओं में आर्थिक क्षति के भरपाई के लिए किसान बीमा योजना लागू करने , मनरेगा कानून को पुनः बहाल करते हुए कृषि से जोड़कर योजनाओं का संचालन सुनिश्चित करने , किसानों को 60 वर्ष के बाद 10,000 रु मासिक पेंशन देने सहित कृषि आधारित बंद सभी चीनी मिलों को चालू करने , सभी किसानों को 85 प्रतिशत अनुदान पर नलकूप देने एवं उन्नत किस्म का बीज तथा समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने सहित अन्य मांगों को लेकर 25 मई 2026 को संपूर्ण बिहार में जिला समाहरणालय पर किसानों का जुझारू प्रदर्शन करेगी । उक्त बातें संगठन के राज्य महासचिव रामचंद्र महतो ने कहा । उन्होंने कहा केंद्र सरकार बीज एवं विद्युत कानून बनाकर किसानों सहित आमलोगों के ऊपर आर्थिक बोझ डालने का काम कर रही है । किसान सभा मांग कर रही है कि दोनों कानून जो जनविरोधी है उसे वापस लिया जाय।
रामचंद्र महतो ने कहा बिहार में अलग अलग जिलों में खास फसलों का उत्पादन होता है जैसे आम ,मखाना , मक्का , धान, मछली ,सहित सभी तरह के उत्पादकों का अलग अलग बैठक एवं सम्मेलन कर उनके समस्याओं के निदान के लिए संघर्ष तेज किया जाएगा ।
बैठक में अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य मिथिलेश झा , बिहार राज्य किसान सभा राज्य परिषद मनोज मिश्रा, रामनारायण बनरैत , राकेश कुमार पांडेय ,जिला मंत्री लक्ष्मण चौधरी , जिला नेतृत्व के साथी बलराम यादव , गणेश झा , अरुण झा ,पैक्स अध्यक्ष महेश यादव , अनिल कुमार झा , अशेश्वर यादव , शिवशंकर ठाकुर ,मंगल राम , प्रबोध झा सहित कई किसान नेता संबोधित किए ।
बैठक की अध्यक्षता सत्यनारायण यादव ने की ।
किसानों के ज्वलंत मुद्दों को लेकर 25 मई को मधुबनी समाहरणालय के समक्ष किसान का जुझारू प्रदर्शन करने का निर्णय किया गया ।

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