:- रवि शंकर अमित/बबलू राय!
बेगूसराय में जिला शिक्षा पदाधिकारी के एक आदेश से शिक्षकों मे काफी उबाल है। जिसको लेकर सैकड़ो की संख्या मे शिक्षक इस आदेश का विरोध दर्ज कराने जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय पहुंचे। जिससे जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। अपने आदेश में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने जनगणना के साथ-साथ स्कूली बच्चों के पठान का पठान कार्य मे हिस्सा लेने का आदेश दिया था। जिसके विरोध मे जनगणना कार्य मे लगे शिक्षकों का विरोध तेज हो गया ।। इनका कहना है की वो जनगणना कार्य करने के लिए तैयार है लेकिन इस शर्त पर की उन्हें जनगणना मे लगाया जाये या फिर स्कूल मे बच्चों के पढ़ाने के काम मे लगाया जाय। नाराज शिक्षकों बताया की कल शिक्षा बिभाग का एक आदेश प्राप्त हुआ है की जिसमें शिक्षकों को सुबह साढ़े छह बजे से साढ़े नौ बजे तक स्कूल के बच्चो को पढ़ाना अनिवार्य कर दिया गया। उसके बाद उन्हें अपने पोषण क्षेत्र मे जनगणना कार्य करने का आदेश दिया गया। इस तरह का आदेश प्राप्त होते है शिक्षकों आक्रोश ब्याप्त हो गया। खास कर महिला शिक्षकों मे इस आदेश से भारी नाराजगी है।।
महिला शिक्षकों का कहना है दस बजे के बाद किसी के घर पर जाने से कोई नहीं मिलेगा उनके घर पर ताला लटका मिलेगा। इस बेहद गर्मी मे स्कूल करना और जनगणना करना संभव प्रतित नहीं हो रहा है।इसी आदेश का बिरोध दर्ज कराने वो लोग शिक्षा कार्यालय पहुंचे है।नाराज शिक्षकों का कहना है विभाग ने तीस पैतिस उम्र के शिक्षकों को घर बैठा दिया है जबकि पचपन प्लस वाले को जनगणना के काम मे लगाया गया है। ये कितना न्याय उचित है की महिला शिक्षक घर भी संभाले,स्कूल भी देखे और जनगणना का काम भी देखे।
इस लिए इस तुगलकी फरमान पर बिचार किया जाये।
बताते चले की पुरे देश में जनगणना का कार्य चल रहा है जिसमें शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। लेकिन बेगूसराय एकमात्र ऐसा जिला है जहां शिक्षकों को स्कूल कार्य के अलावा मतगणना कार्य के लिए भी लगाया गया है। जिसका शिक्षक विरोध दर्ज करा रहे हैं।
वही इस संबंध मे जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार का कहना है कि जनगणना कार्य को लेकर स्कूली शिक्षकों की भारी कमी है। शिक्षक के मतगणना कार्य मे रहने से स्कूल का पठन पाठन कार्य बाधित हो रहा है इसको लेकर उनके द्वारा इस तरह की व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था के खिलाफ टीचर आज यहां अपनी बात रखने आए हैं इस संबंध में वह जिलाधिकारी से मिलकर उन्हें शिक्षकों की समस्या से अवगत कराएंगे। इसके बाद जो उचित होगा वो आज शाम तक उस पर निर्णय लेंगे।
बाइट -शशि कुमारी, शिक्षक बाइट – मनोज कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी




