संवाददाता :- विकास कुमार!
सहरसा- सौरबाजार प्रखंड के खजूरी मध्य विद्यालय की हालत चिंताजनक है। यहां पढ़ने वाले 280 बच्चों का भविष्य अधर में लटका है।इस सरकारी स्कूल में पिछले 20 वर्षों से भवन नहीं है। कक्षाएं पंचायत भवन और आसपास के निजी घरों में चलानी पड़ती हैं। बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। कुल 13 शिक्षक सीमित संसाधनों में शिक्षा देने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। शिक्षक सुनील कुमार का कहना है कि जगह की कमी के कारण कभी कक्षाएं खुले में चलानी पड़ती हैं, तो कभी किसी निजी मकान के सहारे। स्कूल के नाम पर जमीन मौजूद है, लेकिन भवन निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। स्थानीय निवासियों ने कई बार प्रशासन को शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस स्थिति ने शिक्षा विभाग की योजनाओं और जमीनी क्रियान्वयन में अंतर उजागर कर दिया है। सवाल यह है कि क्या प्रशासन जल्द बच्चों के भविष्य के लिए स्कूल भवन का निर्माण पूरा करेगा।
BYTE :- विशिष्ट शिक्षक सुनील कुमार
BYTE :- स्थानीय ग्रामीण विक्रम यादव



