देश से बड़ी राजनीति नही– अशोक चौधरी का राहुल, ममता और तेजस्वी पर करारा प्रहार।

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रिपोर्ट – अमित कुमार


नीतीश सरकार के कद्दावर मंत्री अशोक चौधरी ने आज विपक्षी एकजुटता और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर इंडी (I.N.D.I.A.) गठबंधन के बड़े नेताओं को आड़े हाथों लिया है।
अशोक चौधरी ने राहुल गांधी और ममता बनर्जी की गंभीरता पर सवाल उठाए हैं, तो वहीं तेजस्वी यादव को ‘लालू राज’ की याद दिलाई है।

1. राहुल और ममता पर हमला (मिडिल ईस्ट क्राइसिस और सर्वदलीय बैठक):
हाल ही में मिडिल ईस्ट के गंभीर अंतरराष्ट्रीय संकट पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक से राहुल गांधी और ममता बनर्जी की दूरी पर अशोक चौधरी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा:
“इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय संकट के समय भी इन नेताओं को अपना राजनीतिक एजेंडा और चुनाव ही याद आ रहा है। देश इनके लिए प्राथमिकता नहीं है। अगर ममता बनर्जी या राहुल गांधी खुद नहीं आ सकते थे, तो किसी सांसद को प्रतिनिधि बनाकर भेज सकते थे। लेकिन इन्हें देशहित से ज्यादा अपनी राजनीतिक रोटी सेंकना जरूरी लगता है।”

​2. ममता बनर्जी के ‘बंगाल बर्बाद’ वाले बयान पर पलटवार:

ममता बनर्जी द्वारा भाजपा पर बंगाल को खत्म करने के आरोपों पर चौधरी ने उन्हें इतिहास पढ़ने की सलाह दे डाली। उन्होंने कहा:
​”ममता जी को इतिहास की जानकारी कम है। बंगाल का विभाजन कब हुआ, यह सबको पता है। बिहार-उड़ीसा का अलग होना और फिर झारखंड का बनना, यह राज्यों का विकेंद्रीकरण (Decentralization) है। बंगाल को बिहार में मिलाने की बात उनकी समझ से परे है।”

​3. तेजस्वी यादव और ‘क्राइम ग्राफ’ पर जवाब:

बिहार में अपराध के आंकड़ों को लेकर तेजस्वी यादव के आरोपों पर अशोक चौधरी ने आंकड़ों के साथ-साथ ‘पलायन’ का मुद्दा छेड़ दिया। उन्होंने कहा:
​”तेजस्वी जी को 2005 से पहले का बिहार याद करना चाहिए। उस समय प्रदेश की जनसंख्या क्या थी और हालात क्या थे? लालू जी के कार्यकाल में बिहार की ‘बौद्धिक संपदा’ यानी डॉक्टर और व्यापारी डर के मारे राज्य छोड़कर भाग गए थे। मैं ऐसे 100 डॉक्टरों की लिस्ट दे सकता हूं जो नीतीश जी के शासन में वापस लौटे हैं। आज अगर कोई घटना होती है, तो वह ‘सरकार प्रायोजित’ (State Sponsored) नहीं होती, बल्कि सरकार अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई करती है।”

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