रिपोर्ट – पंकज कुमार!
जहानाबाद सदर अस्पताल में मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां चार दिनों तक बेड पर पड़ा एक लावारिस मरीज इलाज और देखभाल के अभाव में अपनी जिंदगी की जंग हार गया. बेहतर इलाज के लिए PMCH पटना रेफर होने के बावजूद उसे वहां नहीं भेजा जा सका, क्योंकि उसके साथ कोई परिजन मौजूद नहीं था.मंगलवार को पुलिस द्वारा मखदुमपुर थाना क्षेत्र से लाए गए इस मरीज को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अर्धबेहोशी की हालत में लाए गए इस व्यक्ति को प्रारंभ में किसी ने गंभीरता से नहीं लिया, जिससे वह लंबे समय तक बिना इलाज और भोजन-पानी के पड़ा रहा.लगभग 24 घंटे तक मरीज बेड पर भूखा-प्यासा पड़ा रहा.न तो उसे सलाइन दी गई और न ही उचित देखभाल हुई. आसपास के लोगों ने बताया कि उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया.मामला तब उजागर हुआ जब संवाददाता ने अस्पताल में पहुंचकर स्थिति देखी और जानकारी जुटाई. इसके बाद डॉक्टरों ने तुरंत संज्ञान लिया और मरीज का इलाज शुरू किया, लेकिन तब तक उसकी हालत काफी नाजुक हो चुकी थी.इमरजेंसी वार्ड के चिकित्सक डॉ. आफताब आलम ने प्रारंभ में ऐसे किसी मरीज की जानकारी होने से इनकार किया. बाद में जानकारी मिलने पर इलाज शुरू किया गया और मरीज को पीएमसीएच रेफर किया गया, लेकिन संसाधनों की कमी और परिजन न होने के कारण उसे भेजा नहीं जा सका.इलाज के अभाव और अस्पताल की अव्यवस्था के बीच चार दिनों तक संघर्ष करने के बाद मरीज ने दम तोड़ दिया. इस घटना ने एक बार फिर सदर अस्पताल की व्यवस्था और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.



