रिपोर्ट- संतोष चौहान!
सुपौल :- 23 फरवरी। बिहार सरकार के परिवहन विभाग द्वारा राज्य को अवैध एवं मॉडिफाइड डीजे वाहनों से मुक्त करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का असर अब सुपौल जिले में भी साफ दिखने लगा है। परिवहन विभाग के निर्देश पर जिला परिवहन पदाधिकारी, सुपौल के नेतृत्व में जिले भर में मिशन मोड में सघन वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान के तहत जिला परिवहन पदाधिकारी, मोटरयान निरीक्षक एवं प्रवर्तन अवर निरीक्षक की टीम द्वारा जिले के विभिन्न चौक-चौराहों, मुख्य सड़कों एवं संवेदनशील स्थानों पर लगातार जांच की जा रही है। जांच के दौरान बिना अनुमति डीजे सिस्टम से मॉडिफाइड वाहनों, वाहनों में अवैध संरचनात्मक परिवर्तन करने वाले वाहन स्वामियों तथा ध्वनि प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार अभियान के दौरान कई वाहनों को पकड़ा गया है, जिन पर नियमानुसार जुर्माना लगाया गया है, वहीं गंभीर मामलों में वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई भी की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति वाहन में डीजे सिस्टम लगाना तथा संरचना में बदलाव करना मोटर वाहन अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है, जिसके लिए भारी जुर्माना, पंजीकरण रद्द करने तथा अन्य कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान है।
जिला परिवहन पदाधिकारी डॉ० संजीव कुमार सज्जन ने बताया कि यह अभियान राज्य सरकार के निर्देश पर चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना, ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रखना तथा शादी-बारात एवं अन्य आयोजनों में अवैध डीजे वाहनों से होने वाली अव्यवस्था पर रोक लगाना है।
उन्होंने वाहन स्वामियों से अपील की है कि अपने वाहनों में अवैध रूप से डीजे सिस्टम न लगाएं तथा परिवहन नियमों का पालन करें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि आगे भी जिले में यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध डीजे वाहन संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।




