:- रवि शंकर अमित!
फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में बेगूसराय जिले ने महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। तेघरा प्रखंड के मधुरापुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-71 तथा स्थानीय हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में आयोजित राज्य स्तरीय मेगा कैंप ने व्यापक जनभागीदारी के साथ नई मिसाल कायम की। इस विशेष अभियान का वर्चुअल अवलोकन स्वयं बिहार के स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने किया तथा लाभार्थियों और स्वास्थ्य अधिकारियों से सीधे संवाद कर जिले के प्रयासों की सराहना की।
मेगा कैंप में सुबह से ही ग्रामीणों की भारी उपस्थिति देखी गई। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राम कृष्ण के नेतृत्व एवं पिरामल फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में लगभग 500 से अधिक लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा (सर्वजन दवा सेवन) कराई गई। केंद्र परिसर को फूलों और गुब्बारों से सजाकर अभियान को उत्सव का रूप दिया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन फीता काटकर किया गया, जिसके बाद अधिकारियों ने स्वयं दवा सेवन कर लोगों को प्रेरित किया।
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. सुभाष रंजन झा ने कहा कि फाइलेरिया लाइलाज जरूर है, परंतु समय पर दवा सेवन से इससे बचाव संभव है। तेघरा में दिखा उत्साह पूरे जिले के लिए प्रेरणादायी है और सरकार इस बीमारी के उन्मूलन को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वहीं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राम कृष्ण ने अभियान की सफलता का श्रेय स्वास्थ्य टीम, आशा कार्यकर्ताओं, जीविका दीदियों और ग्रामीणों के सहयोग को दिया तथा कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में दवा सेवन सुनिश्चित किया जा रहा है।
इस राज्य स्तरीय मेगा कैंप की सफलता के बाद जिले भर में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान (MDA-2026) की गतिविधियां तेज कर दी गई हैं। पूरे बेगूसराय जिले में आज 1,663 टीमें घर-घर जाकर दवा खिलाने में जुटी हैं तथा विशेष अभियान के तहत 8 लाख से अधिक लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अभियान में प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक सुबीर पंकज, बीसीएम शारदा कुमारी, महिला पर्यवेक्षिका रंजना कुमारी सहित पिरामल फाउंडेशन के ज्ञानोदय प्रकाश, दीपक मिश्रा, ऐश्वर्या कुमार एवं अंकित झा ने सक्रिय सहयोग दिया। फील्ड स्तर पर एएनएम अनुपमा कुमारी, प्रियंका, सीएचओ लक्ष्मी कुमारी, आशा फैसिलिटेटर सुनीता देवी, सेविका सावित्री देवी, प्रेम शिला कुमारी, ऊषा कुमारी तथा आशा कार्यकर्ता साधना कुमारी, आनंदी देवी, मिली कुमारी और बबीता देवी ने घर-घर संपर्क कर लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की। बड़ी संख्या में जीविका दीदियों और ग्रामीणों ने भी फाइलेरिया मुक्त प्रखंड बनाने का संकल्प लिया।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति में दवा का सेवन अवश्य करें तथा खाली पेट दवा न लें।




