:- शकील की रिपोर्ट

:-नगर निगम की निवर्तमान सभापति का दूसरे दिन भी जारी रहा पूजा सामग्री का वितरण,
:-दर्जनों निगमकर्मी सहित सैकड़ों सफाईकर्मियों के बीच बांटा उपयोगी पूजा सामग्री व उपहार
बेतिया। नगर निगम की निवर्तमान सभापति गरिमा देवी सिकारिया के द्वारा छठ व्रतियों को पूजा सामग्री और वस्त्र आदि का उपहार देने का कार्यक्रम दूसरे दिन भी जारी रहा। मंगलवार को सुबह से शाम तक उन्होंने नगर निगम के कर्मियों विशेष रूप से सैकड़ों सफाईकर्मियों के बीच पूजा सामग्री व वस्त्र आदि का वितरण किया। इस मौके पर उन्होंने नगर निगम के कर्मियों को छठ महापर्व की विशेष महत्ता का पाठ पढ़ाया। श्रीमती सिकारिया ने कहा कि छठ व्रत लोक आस्था और आचरण में अनुशासन का महान पर्व है। जिसमें प्रकृति की उपासना के साथ सामाजिक समन्वय को सर्वोच्च मानने की परंपरा है। ‘छठ पूजा’ में प्रकृति प्रदत चीजों का पूरी तरह से उपयोग किया जाता है। यथा फूल, फल,आम के पत्ते, केले के पत्ते, चावल, पान के पत्ते, नारियल, गन्ना, हल्दी, चंदन आदि का उपयोग इसकी सबसे बड़ी विशेषता है। जिसमें सादगी, पवित्रता और प्रकृति की पूजा का महान त्योहार, इस त्योहार को मनाने के पीछे महान व सार्वभौमिक सनातन दर्शन है. उन्होंने कहा कि छठ पर्यावरण संरक्षण,रोग निवारण और अनुशासन का पर्व है. छठ पूजा में सूर्य की पूजा की जाती है. साथ ही सख्त उपवास और नियमों का सख्ती से पालन किया जाता है। इस आयोजन में विशेष रूप से शामिल पूर्व मंत्री व लौरिया के विधायक विनय बिहारी ने भी लोगों को छठ उपासना का महत्व बताते हुए कहा कि दीपावली पर लोग अपने घरों की सफाई करते हैं।जबकि छठ पर नदियों, तालाबों, पोखरा आदि जलाशयों की सफाई करते हैं। दीपावली के अगले दिन से ही लोग इस काम में लग जाते हैं, क्योंकि बारिश के बाद कीड़े-मकोड़े अपना डेरा जमा लेते हैं और जलाशयों के आसपास,जिससे बीमारियां फैलती है। उनकी बात को।आगे बढ़ाते हुए श्रीमती सिकारिया ने बताया कि छठ महापर्व ऋतु परिवर्तन के कुप्रभाव से जनजीवन के बचाव का यह वैज्ञानिक उपचार का वाहक है में अर्घ्यदान और दीप दान को लेकर विशेष अभियान के द्वारा लोक जीवन में उपयोगी एक एक जलाशयों को साफ बना दिया जाता है।




