यूरिया और डी.ए.पी की कालाबाजारी से किसान परेशान, बिल भी नहीं देते हैं दुकानदार, किसानों में आक्रोश!

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:- रवि शंकर अमित/गोविंद कुमार!

बाढ़ अनुमंडल में यूरिया और डी.ए.पी. के मनमाने दाम से किसान परेशान है, किसी दुकान में खाद की किल्लत है तो कोई दुकानदार किसानों से मनमाना रूपए वसूल रहा है। जहां कृषि विभाग के अनुसार पैंतालीस किलो नीम लेपित यूरिया की कीमत 266.50 है लेकिन दुकानों में किसानो को तीन सौ से साढ़े तीन तक देना पड़ता है, वहीं पच्चास किलो डी.ए.पी की कीमत 1350 रूपए है लेकिन किसानों को पन्द्रह सौ से सतरह सौ देना पड़ता है लेकिन वहीं छोटे किसान को दुकानदार प्रति किलो यूरिया दस रूपए लेते है जो प्रति बोरे में साढे चार सौ रूपए देना पड़ता है। वहीं कई दुकानों में यूरिया नही मिल रही है जिससे किसानों को कई दुकानों में भटकना पड़ता है। मामले को लेकर संबंधित अधिकारी बिना आवेदन के कार्यवाई नही करने की बात कहते है। जबकि कुछ दुकानदार यूरिया के साथ किसानों को जबरन घोल खरीदने का दवाब बनाते है जिसका अलग से रूपया देना पड़ता है जबकि उस यूरिया घोल के बारे में किसानों को ज्यादा जानकारी नही है न ही अधिकारी या विभाग के द्वारा किसानों के बीच जागरूकता फैलाई गई।
सबसे पहले हम खाध का दाम जानने बाजितपुर रोड स्थित एक दुकान पहुंचे। जहां एक बोरा यूरिया के साथ एक लिक्विड यूरिया लेना जरूरी था और दोनो मिलाकर साढे चार सौ रूपए लिया गया। लिक्विड यूरिया नही लेने पर महिला दुकानदार यूरिया देने को तैयार नही थी, उसने यूरिया के 266.50 रूपए दाम पर कहा कि गोदाम में उतना रेट लगता है वहां से लाने का ट्रांसर्पोट खर्च, अनलोडिंग और गोदाम किराया खर्च अलग से देना पड़ता है जिससे प्रति बोरा उन्हे सत्तर रूपए का खर्च आता है जिसे वह खरीदारों से वसूलती है। उसने कहा कि यूरिया के साथ लेने वाली लिक्विड या पाउडर घटिया होती है। उन्होने खरीदारी के बाद बिल देने से इनकार कर दिया। दुकानदार ने कहा कि उन्हे दुकान चलाने के लिए अधिकारियों को घुस भी देना पड़ता है। अगर एक ट्रक भी यूरिया या डी.ए.पी खरीदेंगे तो बिल नही देगें साथ ही उन्होने दावा किया कि पूरे बाढ़ का कोई भी दुकानदार बिल नही देता है।
सकसोहरा बाजार पुल के पास स्थित दुकानों का जब हमने जायजा लिया तो एक दुकानदार ने डी.ए.पी सतरह सौ रुपए और यूरिया नही रहने की बात कही वहीं यूरिया के लिए जिद करने पर वह पन्द्रह किलो देने के लिए राजी हुआ लेकिन प्रति किलो दस रूपए की मांग की। दूसरे दुकानदार ने कहा कि उसके पास यूरिया और डी.ए.पी नही है। वहीं तीसरे दुकानदार ने यूरिया के साथ एक अन्य पाउडर खाध लेने पर चार सौ रूपए मांगे, बिना पाउडर के यूरिया देने को तैयार नही था वहीं उसने डी.ए.पी के सोलह सौ रुपए मांगे।
नवादा गांव स्थित एक दुकानदार ने बताया कि यूरिया उसके दूकान में खत्म हो चुकी है वहीं डी.ए.पी के तीन रेट (30,32,38 रुपए प्रति किलो) उसने बताए। वहीं उसने बताया कि यूरिया के साथ घोल लेना जरूरी है अन्यथा यूरिया नही देगा।
मामले को लेकर कांग्रेस के पटना ग्रामीण अध्यक्ष गुरजीत सिंह और वरिष्ठ नेता विजय सिंह ने जांच और कार्यवाई की मांग की है।
वहीं अनुमंडल कृषि पदाधिकारी विभा कुमारी ने कहा कि किसानों के द्वारा आवेदन मिलने के बाद दुकानदार पर कार्यवाई की जाएगी।

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