रिपोर्ट- बिकास कुमार!
प्रसिद्ध साहित्यकार कुमार विक्रमादित्य के सद्य:प्रकाशित हिंदी उपन्यास ट्रेलब्लेजर पर हुई पुस्तक समीक्षा संपन्न
भीड़ में जो अलग पहचान लेकर चलता है उसे पाठ प्रदक्षर कहते हैं पथ प्रदर्शक कहते हैं डॉक्टर सुधीर कुमार सिंह
सहरसा
स्थानीय एम एल टी महाविद्यालय के शिक्षक सदन में प्राचार्य डॉक्टर सुधीर कुमार सिंह की अध्यक्षता में प्रसिद्ध साहित्यकार कुमार विक्रमादित्य के सद्य:प्रकाशित हिंदी उपन्यास ट्रेलब्लेजर पर पुस्तक समीक्षा संपन्न हुई। समीक्षा के क्रम में डॉक्टर मयंक भार्गव, डॉ शुभ्रा पांडेय, डॉ धर्मव्रत चौधरी, डॉ कुमार सौरभ, डॉ अपर्णा, रणविजय राज, डॉक्टर अपर्णा ने पुस्तक के विभिन्न पहलूओं पर अपनी अपनी दृष्टि से प्रकाश डाला। सभी वक्ताओं ने इस उपन्यास को एक नई शैली का पथ प्रदर्शक माना। सभी वक्ताओं ने एक मत से स्वीकार किया कि आधुनिक अध्ययन अध्यापन के क्षेत्र में यह उपन्यास अपने नाम के अनूरूप छात्रों के लिए पथ प्रदर्शक के रूप में मिल का पत्थर साबित होगा। रणविजय राज ने अपने वक्तव्य के क्रम में उपस्थित शिक्षाविदों से अनुरोध किया कि इस उपन्यास को विभिन्न महाविद्यालयों एवम उच्च माध्यमिक विद्यालयों के पुस्तकालय में स्थान दिलाएं। अपनी अध्यक्षीय उदबोद्धन में एम एल टी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर सुधीर कुमार सिंह ने आश्वास्त किया कि कुमार विक्रमादित्य का यह उपन्यास ट्रेलब्लेजर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए प्रेरक है इसलिए सभी महाविद्यालयों के पुस्तकालयों में इसका स्थान होना चाहिए तथा शिक्षकों को सभी छात्रों को इसे पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा।उन्होने कहा कि ट्रेल ब्लेजर उपन्यास छात्रों के लिए काफी मोटिवेशनल है। जो अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित हैं। प्रतियोगिता की वातावरण को रेखांकित करता है यह उपन्यास। इनकी भाषा सहज सरल है जो दिल को छू लेता है।यह पुस्तक ज्ञानकी नई स्रोत है।आधुनिक युग में सभी लोग स्वार्थी हो चले हैं ऐसे में प्रेम अपनापन अपनतव की भावना समाज से लोप हो रहा है।लेखक ने आदर्श स्थापित करने के लिए सामाजिकता अपनत्व एवं संयुक्त परिवार के प्रति सैद्धांतिक प्रेम को परिलक्षित करता है।इस सफल कार्यक्रम का मंच संचालन प्रसिद्ध उद्घोषक किसलय कृष्ण के द्वारा किया गया। धन्यवाद ज्ञापन लेखक कुमार विक्रमादित्य ने किया। कार्यक्रम में लेखक के पिता आदित्यनाथ झा, रामकुमार सिंह, डॉ सुमन कुमार, डॉ बलबीर कुमार, डॉ अक्षय कुमार चौधरी, डॉ संजय वशिष्ठ, पंडित तरुण कुमार झा, मनोज कुमार झा, ओंकार नाथ, रजनी कुमारी, दिलीप कुमार झा, दिलीप कुमार चौधरी, मनोज कुमार, शक्ति कुमार, प्रत्युश प्रीतम, मन्दाकिनी कुमारी, अखिलेश कुमार, बबली कुमारी, रघुवंश कुमार, मुख़्तार आलम, डॉ कमलेश, अतुल कुमार सिंह,ओंकार नाथ झा, दिलीप कुमार झा, रजनी कुमारी, तारा भगत, मंदाकिनी कुमारी, बबली कुमारी, श्यामानंदलाल दास, डॉक्टर संजय वशिष्ठ, डॉ अखिलेश कुमार गुड्डू, वीरेंद्र मोहन झा, सुधांशु शेखर, राजीव कुमार उत्तम सहित दर्जनों सुधि श्रोता उपस्थित रहे।




