:- रागिनी शर्मा (विशेष संवाददाता)

जिले के विभिन्न पूजा पंडालों में पट खुलते ही दर्शन को लोगों की भीड़ उमड़ने लगी।
माता के पट खुलने का विभिन्न स्थानों पर अलग अलग तिथि के अनुसार परंपरागत रूप से समय निर्धारित होता है।
जहाँ बंगाली परम्परा से पूजा होती है वहाँ सष्ठी को ही पट खुल जाता है जबकी अन्य अधिकांश स्थानों पर सप्तमी को पट खुला करता है।
वहीं कुछ पूजा पंडालों में अष्टमी को पट खुलने की परंपरा रही है।
इसी अनुसार जिला मुख्यालय पटना के खाजपुरा, शेखपुरा और गर्दनीबाग में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अन्य मंत्रियों अधिकारियों के साथ पूजा अर्चना करते नजर आये, मुख्यमंत्री ने राज्य और देशवासियों को दुर्गा पूजा की बधाई और शुभकामनाएं दी है। वहीं जिले के अंतिम प्रखंड मोकामा के रेलवे कॉलनी में सबसे पहले सष्ठी को ही पट खुला और बाकी जगहों पर सप्तमी को , हालाँकि हाथीदह और मराँची में अष्टमी को पट खुला।
पट खुलते ही माता की जयघोष के साथ माहौल भक्तिमय हो गया, तो दर्शन पाते ही लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
दरअसल कोरोना माहमारी के बाद पहली बार दुर्गापूजा उत्साह पूर्वक मनाया जा रहा है, माँ की विशेष कृपा से जनजीवन वापस सामान्य होता प्रतीत हो रहा है, और त्योहारों को लोग उत्साह से मना रहे हैं।
इस बीच पूजा पंडालों में पूजा समितियों के द्वारा भी पैनी नजर रखी जा रही है तो पुलिस भी गश्त लगा रही है। पंचायत चुनाव के मद्देनजर आचार संहिता का भी ध्यान रखा जा रहा है और कोरोना गाइडलाइन के पालन की भी भरसक कोशिश की जा रही है।
ताकी लोग बिना किसी विघ्न बाधा के श्रद्धापूर्वक माँ की पूजा अर्चना कर सकें।




