सवाल पूछने पर थानाध्यक्ष ने की पत्रकारों से अभद्रता, जिले भर के पत्रकारों मे आक्रोश!

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रिपोर्टर — राजीव कुमार झा

अपराधी पकड़ा नही जाता और पत्रकार को देते है जेल भेजने की धमकी

पिपरौन गोलीकांड मामले में तीन दिन बाद भी पुलिस की हाथ खाली

पत्रकारों के साथ थानाध्यक्ष की अमर्यादित भाषा बना चर्चा का विषय

मधुबनी जिले के हरलाखी थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपरौन गांव स्थित पेट्रोल पंप पर शुक्रवार की सुबह हुई फायरिंग की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। दरअसल घटना के तीन दिन बाद भी एक भी अपराधि की गिरफ्तारी नही हो पाने से क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है। इधर थानाध्यक्ष से अपराधी पकड़ा नही जाता है और समाचार संकलन के लिए थाना पर जाने पर पत्रकारों को थानाध्यक्ष के द्वारा धमकी दिया जाता है कि बगैर पूछे कुछ भी खबर छपा तो फर्जी मुकदमा में फंसाकर जेल भेज दूंगा सवाल यह है कि जब पत्रकारों के साथ पुलिस का यह रवैया है तो आम पब्लिक के साथ क्या हो सकता है यह अंदाजा लगाया जा सकता है। विदित हो कि बीते शुक्रवार की सुबह बाइक सवार दो बेखौफ अपराधियों ने दवा व्यवसायी मनोज कुमार को पीछा करते हुए पिपरौन पेट्रोल पंप पर पहुंच गया और वहां फायरिंग कर दिया, गनीमत की बात रही कि दवा व्यवसाई पेट्रोल पंप के काउंटर वाली कमरे में भाग गया, जिससे गोली शीशे वाली दरवाजे पर लगी और वे बाल बाल बच गया। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है, बावजूद घटना के तीन दिन बाद भी पुलिस अपराधियों तक नहीं पहुँच सकी है। इससे न केवल पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहा हैं, बल्कि आम लोगों में दहशत का माहौल व्याप्त है। थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर अनुप कुमार के नेतृत्व में जांच तो जारी है, परंतु अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। अपराधियों का सुराग अभी तक न लगा पाना पुलिसिया कार्रवाई की गंभीर कमजोरी को दर्शाता है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश भी देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी में नाकाम साबित हो रही है। अगर इसी तरह अपराधियों का मनोबल बढ़ता रहा तो भारत नेपाल सीमा पर स्थित इन क्षेत्र के लोगों के लिए गंभीर खतरे की बात है। वही पुलिस अपने नाकामयाबी छूपाने और अपने को दवंग सावित करने के लिए पत्रकारों को थाना प्रभारी के द्वारा धमकी दिया जाना कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर बात है।

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