:- रवि शंकर अमित!
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो
(सूचना अनुभाग)
5-बी,सी .जी.ओ. कॉम्प्लेक्स
लोधी रोड, नई दिल्ली-110003
सीबीआई ने भ्रष्टाचार के एक मामले में एक संयुक्त एवं एक उप विकास आयुक्त, दो सहायक विकास आयुक्त (एडीसी) तथा एसईईपीजेड-एसईजेड, मुंबई के एक अधिकृत अधिकारी सहित सात लोक सेवकों को गिरफ्तार किया एवं तलाशी के दौरान भारी नकद राशि व अचल संपत्तियों के दस्तावेज आदि बरामद किए
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मिलीभगत से भ्रष्टाचार करने के आरोपों से जुड़े घूसखोरी के एक मामले में एसईईपीजेड-एसईजेड कार्यालय, मुंबई के एक संयुक्त विकास आयुक्त (जेडीसी); एक उप विकास आयुक्त (डीडीसी); दो सहायक विकास आयुक्त (एडीसी); एक सहायक; एक अधिकृत अधिकारी; एक अपर डिवीजन क्लर्क सहित 07 आरोपी लोक सेवकों को गिरफ्तार किया।
मुंबई में विभिन्न स्थानों पर आरोपियों के आधिकारिक एवं आवासीय परिसरों की तलाशी ली गई, जिसके परिणामस्वरूप 27 अचल संपत्ति के दस्तावेज आदि एवं आरोपी जेडीसी के आवास पर 3 लक्जरी वाहन बरामद किए गए।आरोपी व्यक्तियों के परिसर से 61.5 लाख रु. (लगभग) बरामद किए गए जिसमें आरोपी सहायक विकास आयुक्त के आवास से बरामद्व47 लाख रु. भी शामिल है। इसके अलावा विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए गए।
सीबीआई ने एसईईपीजेड-एसईजेड कार्यालय, मुंबई के 7 लोक सेवकों यथा एक संयुक्त विकास आयुक्त (जेडीसी), उप विकास आयुक्त (डीडीसी), दो सहायक विकास आयुक्त (एडीसी); सहायक विकास आयुक्त (एडीसी), अधिकृत अधिकारी; सहायक; अपर डिवीजन क्लर्क एवं दो निजी व्यक्ति (मध्यस्थ व्यक्ति) सहित 09 आरोपियों के विरुद्ध दिनाँक 17/12/2024 को मामला दर्ज किया, जिसमे आरोप है कि एक आरोपी आईआरएस अधिकारी जो वर्तमान में संयुक्त विकास आयुक्त (जेडीसी), एसईईपीजेड-एसईजेड, अंधेरी (पूर्व), मुंबई के पद पर तैनात है एवं अन्य अधिकारी मिलीभगत से भ्रष्टाचार में संलिप्त है। यह आरोप है कि एसईईपीजेड-एसईजेड, मुंबई में तैनात अधिकारी धनराशि के बदले में स्थान आवंटन, आयातित वस्तुओं के निपटान, शुल्क का भुगतान किए बिना बाजार में शुल्क मुक्त आयातित वस्तुओं की बिक्री, सिविल ठेकेदार से पक्षपात के मामलों में एसईईपीजेड से कार्य करने वाले पक्षों से मध्यस्थों के माध्यम से अनुचित लाभ एकत्र कर रहे थे।
यह भी आरोप है कि एक निजी व्यक्ति (मध्यस्थ व्यक्ति) एसईईपीजेड-एसईजेड के अधिकारियों की ओर से रिश्वत वसूल रहा है। कथित तौर पर उसके द्वारा एकत्र लगभग 60 लाख रु. की नकदी एसईईपीजेड अंधेरी परिसर में उनके कार्यालय में लिफाफे में रखे गए थे, जिसमें रिश्वत की राशि, रिश्वत देने वालों एवं उन अधिकारियों के नाम, जिनके लिए रिश्वत ली गई थी, उन लिफाफों पर लिखा था।
आगे यह आरोप है कि उक्त मध्यस्थ व्यक्ति (निजी व्यक्ति) ने 12 दिसंबर 2024 को एक निजी व्यक्ति से 15 लाख रु. की रिश्वत भी ली थी, जिसे उसने कथित तौर पर आरोपी जेडीसी को सौंप दिया था, जिसने स्वयं के लिए 7 लाख रु. अपने पास रख लिए थे एवं एसईईपीजेड में अधिकारियों के मध्य 8 लाख रु. बाटें। तलाशी के दौरान 4 लाख रु. बरामद किए गए।
इस मामले में जाँच जारी है।




