रिपोर्ट- अमित कुमार!
“पटना के बुद्ध पार्क के पास आज निर्भया और अभया की स्मृति में महिला संगठनों ने एकजुट होकर धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का उद्देश्य बलात्कार की संस्कृति के खिलाफ आवाज उठाना और पितृसत्तात्मक जकड़न को चुनौती देना था। महिलाओं ने ‘मिलकर चलो’ का आह्वान करते हुए समाज में परिवर्तन की मांग की।”
पटना के बुद्ध पार्क के पास आज महिला संगठनों ने निर्भया और अभया कांड की स्मृति में धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं, जिन्होंने बलात्कार की संस्कृति और पितृसत्तात्मक सोच के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा और समानता सुनिश्चित करना केवल सरकार का ही नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने मिलकर चलने और पेड़खानी जैसी कुरीतियों को खत्म करने का आह्वान किया।
महिला संगठनों ने बलात्कार की बढ़ती घटनाओं और महिलाओं के प्रति होने वाली हिंसा को रोकने के लिए कड़े कानून और उनके सख्त क्रियान्वयन की मांग की। इस मौके पर ‘निर्भया और अभया की स्मृति’ में बड़ी संख्या में महिलाओं ने बैनर पोस्टर हाथों में लेकर अपना विरोध जताया।
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बलात्कार को केवल अपराध नहीं, बल्कि पितृसत्तात्मक व्यवस्था की सोच का परिणाम बताया और इसके खिलाफ समाज को जागरूक करने पर जोर दिया।
यह प्रदर्शन समाज में महिलाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है और सभी को इस दिशा में मिलकर काम करने की प्रेरणा देता है।




