:- रवि शंकर अमित!
- “स्मार्ट मीटर पर माले विधायक का प्रदर्शन, सरकार पर उठाए सवाल”
- “स्मार्ट मीटर पर राजद-भाजपा आमने-सामने: रजत ने कहा ‘खून चुसवा मीटर,’ भाजपा ने किया पलटवार”
- “स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर सदन के भीतर और बाहर सियासी घमासान”
एंकर:
बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र का चौथा दिन भी हंगामेदार रहा। भाकपा माले के विधायकों ने स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर सदन के बाहर जोरदार प्रदर्शन करते हुए सरकार को घेरा। वहीं, इस मुद्दे पर राजद और भाजपा में भी तीखी बयानबाजी हुई। राजद ने स्मार्ट मीटर को ‘खून चुसवा मीटर’ करार दिया, जबकि भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि ये लोग बिजली का बिल कभी नहीं चुकाते थे।
विस्तार से खबर:
बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन स्मार्ट मीटर का मुद्दा सदन के भीतर और बाहर गरमा गया। भाकपा माले के विधायकों ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर के कारण जनता को भारी भरकम बिजली बिल का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सदन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार को गरीब विरोधी करार दिया।
इस बीच, स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर राजद और भाजपा के बीच तीखा वाकयुद्ध देखने को मिला। राजद के नेताओं ने स्मार्ट मीटर को ‘खून चुसवा मीटर’ बताया और सरकार पर गरीबों को लूटने का आरोप लगाया। राजद के विधायक रजत ने कहा, “यह मीटर जनता की जेब पर डाका डाल रहा है। बिजली बिल से लोग परेशान हैं।”
वहीं, भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पलटवार किया। भाजपा नेताओं ने कहा, “राजद और उसके सहयोगी कभी बिजली का बिल चुकाते ही नहीं थे। स्मार्ट मीटर लगने से पारदर्शिता आई है और जनता को सही सेवा मिल रही है।”
स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर सदन में भी जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए गरीबों के लिए बिजली मुफ्त करने की मांग की, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए एक जरूरी कदम बताया।
बाइट्स:
“स्मार्ट मीटर जनता के खून चूसने का काम कर रहा है। गरीबों को भारी भरकम बिजली बिल से बचाने के लिए हमें लड़ाई लड़नी होगी।”
- रजत, राजद विधायक
“जो लोग कभी बिजली का बिल नहीं चुकाते थे, वे अब स्मार्ट मीटर का विरोध कर रहे हैं। यह पारदर्शिता और सुधार का कदम है।”
- भाजपा प्रवक्ता




