बेलगाम ई रिक्शा ने मारी पत्रकार को टक्कर, गंभीर रूप से जख़्मी!

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रिपोर्ट अनमोल कुमार

पत्रकार की व्यथा सुनहूं भरत भावी प्रबल बिलख कहो मुनी नाथ
जीवन मरण ,हानि लाभ, जस अपजस विधि हाथ
पता नहीं विधाता ने मेरे लिए क्या विधान रच रखा है। 1 सितंबर 2024 से बीमारी और अस्वस्थता का जो दौर चला वह खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। हीमोग्लोबिन कम है। पत्नी श्रीमती जयंती सिंह जी अलग बीमार है। 30 सितंबर को मैं पूरी तरह ठीक-ठाक था। पटना से अरवल और फिर अरवल से पटना लगभग डेढ़ सौ किलोमीटर की यात्रा कार से तय कर पत्रकारों के सम्मेलन में भाग लेकर लौटा।
परंतु आज 1 अक्टूबर को हद हो गई। पुरानी बाईपास में राजेंद्र नगर पुल के नीचे डॉक्टर आर एन सिंह मोड़ के पास में ट्रैफिक सिग्नल के हरा होने का इंतजार कर रहा था। अपनी बाइक को स्टार्ट कर वाहनों की भीड़ में खड़ा था कि अचानक एक Toto इलेक्ट्रॉनिक ऑटो वालों ने साइड से आकर मुझे ठोक दिया तब तक सिंगल भी हरा हो गया वह टोटो वाला भाग निकला ।मैं भी सड़क पर धड़ाम।दर्जनों वाहनों की भीड़ में मैं चारों खाने चित पड़ा हुआ था ।मेरा बाइक ऊपर से मेरे शरीर पर गिरा था। अगल-बगल के लोग तमाशाबीन बने हुए थे और मैं लोगों से बचने की गुहार लगा रहा था। इनमें से कुछ लोग दौड़कर मेरे पास आए मेरा बाइक उठाया मुझे उठाकर सड़क किनारे कर दिया और चलते बने।
मेरे बाइक का एक्सीलेटर का मुट्ठ टूट गया । मिरर फूट गया । बाद में किसी तरह हिम्मत करके बाइक से ही पुल के उस पार राम अवतार शास्त्री चौक के पास अपने दोस्त की Yusuf की दुकान में गया और वहां से अपने बड़े बेटे नरेंद्र प्रताप को खबर किया। नरेंद्र की मेडिकल टीम में आकर मुझे देखा जाचा ।फिर बेटे ने जूस पिलाया शरीर में थोड़ी जान आई और फिर मैं वहां से बाइक चला कर अपना घर लौटा।
पीठ के बाएं साइड में गंभीर चोट है।दाहिना जान दाहिना ठेहुना और बाएं एडी भी चोटिल है। घटना दुर्घटना के बीच कष्ट और पीड़ाओं से मेरा जंग चल रहा है ।थोड़ा ठीक होता है और निकल पड़ता हूं फील्ड में। दिन में लगभग 10:00 बजे हुई टोटो बाइक भिड़ंत के बाद दर्द से बहुत परेशान हूं।लेकिन हमने भी ठान लिया है
राही मनवा दुख की चिंता क्यों सताती है।
सुख है एक धूप छांव आती है जाती है।
बस आपकी दमदार और असरदार दुआएं ही जिंदगी से जंग में मेरा बड़ा संबल है।

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