एक ही रात चोरों ने दो घर में की चोरी, फ़ौजी के घर को बनाया निशाना!

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रिपोर्टर — राजीव कुमार झा

मधुबनी जिले में चोरी , डकैती, हत्या से लोगों में देखा जा रहा है खौफ का माहौल। बिनती रात चोरों ने कलुआही
थाना क्षेत्र अंतर्गत लोहा – शुभंकरपुर गांव के शंकर झा एवं हेम कांत झा के घर सोमवार की रात भीषण चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। दोनों घरों से करीब आठ लाख रुपए मूल्य का स्वर्णाभूषण और चालीस हजार रुपए नगद चोरी कर ली गई है। गृह स्वामी शंकर झा सीआरपीएफ के राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त जवान है। उनके एक पुत्र ऋषितोष झा बीपीएससी शिक्षक है। शंकर झा के घर से पांच लाख रुपए से अधिक मूल्य का स्वर्णाभूषण और करीब तीस हजार नगद लेकर चोर फरार हो गया। दूसरे पीड़ित गृह स्वामी बरिष्ठ नागरिक है। हेम झा, 70 वर्ष के मध्यम वर्ग से है। उनके घर से तीन लाख रुपए मूल्य का स्वर्णाभूषण और आठ से दस हजार रुपए नगद चोरों द्वारा गायब कर दिया है। दोनों के घर चोर छत के रास्ते आया और बाहर से सभी घरों का कुंडी लगा कर जेवर एवं नगद जिस कमरे में रखा हुआ था उस कमरे मात्र को निशाना बनाते हुए लाखों के जेवरात और नगद समेट कर छत के रास्ते भाग निकला। पुलिस घटना स्थल के समीप सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच पड़ताल कर रही है। थानाध्यक्ष सपन कुमार ने बताया है कि संदेह के आधार पर दो युवको को पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर पूछताछ किया जा रहा है। घटना सोमवार की रात्रि करीब एक बजे की बताई जा रही है। पीड़ित शंकर झा के पुत्र राघव कुमार झा एवं हेमकांत झा के बयान पर अलग अलग प्राथमिकी दर्ज किया गया है। राघव झा ने बताया है कि सोमवार की रात्रि दादा का बर्षी था। रात्रि में ब्राह्मण भोजन के उपरांत एग्यारह बजे घर के सदस्य सोने को चले गए। राघव की मां दरवाजे के हॉल में सो रही थी। अचानक करीब एक बजे आलमीरा का ताला तोड़ने की आवाज आई। राघव की मां नींद से जागी और जोड़ जोड़ से आवाज लगाने लगी। मां की आवाज सुनकर राघव का नींद खुला। राघव के कमरा का गेट को चोरों ने बहार से हैंडल लगा दिया था। दरवाजे पर जहां मां सो रही थी वहां बहार से ग्रील बंद कर दिया गया था। राघव के भाई ऋषितोश झा बीपीएससी से शिक्षक बने उनके कमरा की दरवाजा का हैंडल बाहर से लगा दिया था। संभवतः चोरों को मालूम था कि अधिकांश स्वर्णाभूषण एवं जेवरात राघव के मां के कमरे में है। उस कमरा में रखे आलमीरा एवं अन्य बक्शा को चोरों ने तोड़कर पांच लाख रुपए मूल्य से अधिक का स्वर्णाभूषण एवं करीब तीस हजार रुपए नगद लेकर छत से कूद कर फरार हो गया। सबकों अलग अलग कमरों में बहार बंद करने के कारण जब तक अगल बगल के लोगों को आवाज सुनाई दिया और लोग उठकर पहुंचें तब तक चोर फरार हो चुका था। दूसरी ओर वरिष्ठ नागरिक हेमकांत झा , 70 वर्ष करीब चार बजे सुबह शंकर झा के घर जिज्ञासा के लिए पहुंचें थे। रात्रि में उन्हें मालूम नहीं हुआ की उनके घर भी चोरी हुआ है। सुबह छः बजे उनके एक पुत्रवधु ने आवाज लगाई की कमरा का गेट बहार से बंद है। जब घर का गेट बहार से खोला गया तो उसके बाद मालूम पड़ा कि दूसरे कमरों से समान गायब है। गृहस्वामी हेमकांत झा ने भी थानाध्यक्ष को अलग से आवेदन पत्र समर्पित किया है। जिसमें ढाई से तीन लाख रुपए मूल्य के जेवरात और आठ से दस हजार रुपए नगद गायब होने की बात बताया गया है। थानाध्यक्ष सपन कुमार ने बताया कि चोरी की वारदात में शामिल लोगों की पहचान के लिए पुलिस गहराई से छानबीन में जुटी है।

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