रिपोर्टर — राजीव कुमार झा!
देश में बरे बरे उद्योग पतियों का हजारो करोड़ बैंक कर्ज जहां माफ करने को लेकर विपक्षी दल सरकार पर हमला वर होता रहा है। वही मधुबनी जिले के बासोपट्टी बैंक ऑफ इंडिया ब्रांच से ऋण लिए एक छोटे व्यापारी के घर बैंक अधिकारी दल बल के साथ पहूंच कर ऋणी के घर को सील कर दिया है। बैंक अधिकारी एवं स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को स्थानीय लोग दुर से टकटकी लगाए देखते रहा और ऋणी व्यवसाई का आवासीय घर देखते ही देखते सील हो गया। मामला हरलाखी प्रखंड के रामपुर का है। अधिकारियों का माने तो नंदकिशोर साह के आवासीय घर पर विधिवत रूप से कारवाई करते हुए ये कार्रवाई किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बैंक ऑफ इंडिया शाखा से नंदकिशोर साह ऋण लिया था। जिसे बैंक को वापस नही किया जा रहा था। बैंक ने प्रक्रिया पूरी कर पुलिस प्रशासन के सहयोग से विधिवत रूप ये कारवाई किया है। नंदकिशोर साह कारोबार करने को लेकर घर गिरवी पर रखकर बैंक से बीस लाख एवं चार लाख कुल 24 लाख रुपए का ऋण लिया था। बैंक ऑफ इंडिया मुजफ्फरपुर से आए अधिकृत अधिकारी विजय पासवान ने बताया कि कई दिनों से बैंक से ऋण चुकाने को लेकर बार बार नोटिस किया गया। कई बार बैंक की ओर से आग्रह भी किया गया। इस बीच दुकान मालिक को करीब पंद्रह दिन पूर्व भी पत्र भेजकर सूचना दिया गया था। लेकिन ऋणी व्यवसाई के द्वारा कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नही हो पा रहा था। बैंक से कोई संपर्क नहीं रखने से दुकान मालिक के आवासीय घर को बैंक ऑफ इंडिया शाखा बिशौल के कब्जे में किया गया है। आगे बैंक अधिकारी ने बताया कि कई बार बैंक से ऋण समझौता को लेकर भी आग्रह किया गया लेकिन इनके कानों पर जूं नहीं रेंगा। तों समय पर ऋण का पैसा नही चुकाने को लेकर बैंक ने अपनी प्रक्रिया पूरी कि है। बैंक की ओर से प्रक्रिया के तहत प्रशासन का भी सहयोग लिया गया है। बैंक की ओर से आगे की कारवाई किया जा रहा है। इधर अंचलाधिकारी पूजा कुमारी ने बताया कि बासोपट्टी प्रखंड के महथौर के राम जानकी चौक पर मेसर्स जय श्री राम ट्रेडर्स के नाम से दुकान है। दुकानदार द्वारा कारोबार के लिए बैंक से ऋण लिया गया था। जिसे बैंक को वापस नही किया जा रहा था।जिसको लेकर बैंक द्वारा विधिसम्मत कारवाई किया है।मौके पर एसआई प्रिया कुमारी,अशरफ अली,कंचन कुमार सिंह, बैंक अधिकारी विजय पासवान,अरूण कुमार भगत, राहुल आनंद,शेखर दत्ता सहित कई अधिकारी एवं पुलिस बल के जवान मौजूद थें। वही गृहस्वामी से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया लेकिन वे उपलब्ध नहीं थे।




