सी पी आई ( एम एल) ने अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक द्वारा अवैध रूप से निजी क्लिनिक चलाने का विरोध!

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रिपोर्ट अनमोल कुमार

जयनगर अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक कुमार रौनित के मिलीभगत से अबैध निजी क्लिनिकों व नर्सिंगहोम में उपचार व ऑपरेशन के दौडान लगातार हो रहे मौत और अबैध स्वास्थ्य संस्थानों व संचालकों के उपर कठोर कार्रवाई करने की DM तथा CS से ईमेल से मांग।-भाकपा-माले
प्रत्येक महिना अबैध नर्सिंग होम में उपचार के क्रम में महिलाएं को प्रसव के दौरान गलत तरीके से ऑपरेशन करने से कई महिलाओं को होना पड़ता है मौत का शिकार।-भूषण सिंह
स्वास्थ्य विभाग के जानकारी अनुसार जयनगर में एक भी निजी नर्सिंग होम व क्लिनिक, जांच घर, ऐ-क्सरे नही है बैध, कार्रवाई करने हेतु स्थानीय SDO, DSP, थानाध्यक्ष, BDO, CO को भी दिया गया आवेदन।
जयनगर, भूषण सिंह प्रखंड सचिव भाकपा माले ने जिला पदाधिकारी सिविल सर्जन मधुबनी अनुमंडल पदाधिकारी पुलिस उपाधीक्षक थानाध्यक्ष प्रखंड विकास पदाधिकारी जयनगर अंचलाधिकारी जयनगर को दिए गए आवेदन पत्र में उन्होंने जनशिकायतों के आलोक में कहा है की मधुबनी जिला के अंतर्गत अनुमंडल मुख्यालय जयनगर में दर्जनों संख्याओं में अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक कुमार रौनित के मिलीभगत से अबैध निजी क्लिनिक तथा नर्सिंगहोम संचालित हो रहा है। उक्त नर्सिंगहोम एवं क्लिनिकों को अधिकांश कम्पौडर एवं जयनगर सहीत जिला के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में कार्यरत क्षमताहीन व कर्तव्यहीन डाक्टरों और कर्मियों के द्वारा अबैध तरीकों से संचालित किया जा रहा है। उपचार कराने बाले मरीजों के अनुसार उचित व्यवस्था नही रहने के कारण उचित उपचार नही होने से उक्त क्लिनिकों और नर्सिंगहोमों में लगातार मौत होने की घटनाए होती रहती है। जुलाई माह 2024 में दो नर्सिंगहोम में प्रसव कराने के दौरान ऑपरेशन सही तरीके से नही होने और जरूरत के अनुसार उपचार नही होने के कारण दो महिलाएं की मौत हो गई है। आए दिन उक्त क्लिनिकों और नर्सिंगहोमों में लगातार मौत होने की घटनाए घटती रहती है . जिसके कारण क्लिनिकों और नर्सिंगहोमों में हंगामा तोड़फोड़ मारपीट की घटनाए घटती रहती है। और आम लोगों को आर्थिक दोहन के साथ-साथ मौत का भी शिकार होना पड़ता है। ज्ञात हो की स्थानीय अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक कुमार रौनित और सिविल सर्जन मधुबनी के द्वारा भेजे गए प्रतिनिधियों के संयुक्त जाँच दलों के द्वारा जयनगर में अबैध रूप से संचालित निजी क्लिनिकों और नर्सिंगहोमों तथा जाँच घर , अल्ट्रासाउंड , एक्सरे के उपर कार्रवाई हेतु बिच-बिच में खानापूर्ति के ख्याल से जाँच अभियान चलाया जाता है लेकिन अबैध क्लिनिकों और नर्सिंगहोमों तथा जाँच घर , अल्ट्रासाउंड , एक्सरे के संचालकों से उपाधीक्षक कुमार रौनित से अबैध तालमेल रहने के कारण मामला को रफादफा कर दिया जाता है . जिसके कारण जयनगर क्षेत्रो में उक्त अबैध स्वास्थ्य संस्थानों को मजबूती रूप में स्थापित होने का मौका दिया जा रहा है। जिसका हमारी पार्टी भाकपा – माले स्वास्थ्य विभाग के इस जनविरोधी व आर्थिकदोहन वाली नीतियों की तीब्र निंदा करती है और उक्त अबैध रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों के उपर नियमानुसार उचित कार्रवाई करने की मांग किया गया है।

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