अब ये पुल भी हुआ जर्जर, भारी वाहनों पर तुरंत प्रतिबंध लगाने की माँग!

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आरा/आशुतोष पाण्डेय

जर्जर पुल पर भारी वाहनों के परिचालन रोकने की मांग
पुल की ऊपरी ढलाई से झांक रही सरिया, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

आरा/भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड अंतर्गत महत्वपूर्ण रानीसागर–भरौली पथ पर महरजा नदी स्थित जर्जर पुल को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। पुल की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि उसकी ऊपरी ढलाई से सरिया बाहर दिखाई देने लगी है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
यह पुल शाहपुर-करनामेपुर सड़क, एनएच-30 तथा आरा-बक्सर फोरलेन एनएच-922 को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन इस रास्ते से बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है।
सामाजिक कार्यकर्ता अखिलेश कुमार पांडे ने शाहाबाद पथ प्रमंडल, आरा के अधीक्षण अभियंता को आवेदन देकर पुल पर भारी वाहनों के परिचालन पर तत्काल रोक लगाने तथा नए पुल के निर्माण की मांग की है। आवेदन में कहा गया है कि लगभग 20 वर्ष पूर्व निर्मित यह पुल अब गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुका है। पुल के कई हिस्सों में दरारें और अन्य क्षति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं, जिससे इसकी मजबूती एवं भार वहन क्षमता पर सवाल उठने लगे हैं।
उन्होंने बताया कि पुल की खराब स्थिति के बावजूद प्रतिदिन भारी वाहनों का परिचालन जारी है, जिससे संरचना पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। ऐसे में किसी भी समय दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
आवेदन में पुल का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराने, सुरक्षा सुनिश्चित होने तक भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने तथा विशेषज्ञ समिति से इसकी संरचनात्मक जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही निर्माण कार्य में संभावित अनियमितताओं एवं गुणवत्ता संबंधी कमियों की भी जांच कराने का आग्रह किया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता ने जनहित में अविलंब नए एवं सुरक्षित पुल के निर्माण की स्वीकृति देकर कार्य शुरू कराने की मांग की है।
फोटो-01 : शाहपुर के रानीसागर-भरौली पथ पर स्थित जर्जर पुल की ऊपरी ढलाई से बाहर झांकती सरिया।

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