रिपोर्ट – रुपेश कुमार!
स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और बेहतर सुविधा देने का लाख दावा क्यों न कर ले लेकिन हकीकत सामने आ ही जाती है। ऐसा ही नजारा मंगलवार को सदर अस्पताल में देखने को मिला। जहां एक मरीज को रेफर होने के बाद बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर भेजा जाना था। मगर जो एम्बुलेंस मिला वह धक्का मार निकला। काफी मशक्कत के बाद एम्बुलेंस स्टार्ट हुआ और उसे भेजा गया। इधर इस संबंध में राष्ट्रीय जनता दल के जिला प्रवक्ता डॉ रमेश यादव ने अपनी तीखी प्रक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बिहार का स्वास्थ्य विभाग ठीक अपने मंत्री की तरह हो गया। क्योंकि बिहार की राजनीति में ऐसे स्वास्थ्य मंत्री नहीं मिले हैं जो बीमार दिखते है और सहारे पर चलते है। उनकी बॉडी लैंग्वेज उनके स्वास्थ्य की स्थिति को बखूबी बयां करती है। ठीक उनका विभाग भी अब उसी स्थिति में हो गया।
बाईट रमेश यादव राजद कार्यकर्ता



