पुल की माँग को लेकर ग्रामीणों ने किया वोट बहिष्कार का ऐलान!

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रिपोर्टर…. दीनदयाल!

ग्रामीणों ने आक्रोशित लहजे में कहा, पुल नहीं तो वोट नहीं

….वाल्मीकि नगर लोकसभा चुनाव के छठे चरण में वाल्मीकि नगर लोकसभा क्षेत्र में चुनाव होना है. ऐसे में लोग नेताओं द्वारा किए गये वादे से तंग आकर अब वोट बहिष्कार का मन बना रहा है. बृहस्पतिवार को मधुबनी प्रखंड के बरवा पंचायत के सिसवा घाट का सैकड़ों लोगों ने हाथ में पुल नहीं तो वोट नहीं, किसी भी पार्टी के नेताओं को इस गांव में आना मना है जैसे अन्य स्लोगन लिखे तख्तियां लेकर 25 मई को होने वाले चुनाव में मत बहिष्कार करने का निर्णय लिया है. यहां के लोगों का सीधा कहना है कि उत्तर प्रदेश और बिहार के बीचोंबीच बह रही नदी पर पुल निर्माण की मांग हमलोग लगभग 20 वर्षों से कर रहे हैं. लेकिन नेताओं द्वारा किए गए झूठे वादे से अब हमलोग उब चुके हैं और इस चुनाव में हमलोगाें ने मतदान नहीं करने का निर्णय लिया है. यहां के लोगों का कहना है कि हम लोग का सारी सुख सुविधा इसी रास्ते से होता है महत्वपूर्ण मार्ग में सिसवा घाट गांव के पास नदी पर पुल बनाने की मांग यहां के लोगों द्वारा वर्षों से की जा रही है. लेकिन आज तक कोई जनप्रतिनिधि या पदाधिकारी इस पर ध्यान नहीं दिया है. निराश होकर यहां के लोगों ने इस बार के चुनाव में मतदान नहीं करने का मन बना लिया है. अब देखना होगा कि चुनाव लड़ने वाले नेता या मतदाता को जागरूक करने के लिए लगाये गये जिम्मेदार चुनाव आयोग का तंत्र इन लोगों को मतदान के लिए तैयार कर पाते हैं या नहीं. यहां के लोगों ने साफ शब्दों में कहा कि जो पार्टी चुनाव के बाद पुल बनाने का लिखित रूप से बांड पेपर पर एग्रीमेंट करेगी, उसी को हमलोग वोट करेंगे. अन्यथा हमलोग किसी के पक्ष में मतदान नहीं करेंगे. लगभग 5 हजार की आबादी वाले इस गांव के निप्पू कुशवाहा, पूर्व मुखिया ध्रुव गुप्ता, किशोर यादव वार्ड सदस्य, सुग्रीव यादव, सीताराम यादव, झुंझुनू उपाध्याय, रामशंकर यादव, हरपाल कुमार, वीरेंद्र राम, राजन चौहान, समेत सैकड़ों की संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि बरसात के समय यह नदी पानी से लबालब भरा रहता है. ग्रामीणों के सहयोग से बनाये गये चचरी पुल के सहारे हमलोग आवाजाही करते हैं. प्रखंड में डिग्री कॉलेज और हॉस्पिटल नहीं होने से भी नदी के उस पार रहने के कारण बर्षात में बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं. हर वर्ष यहां डूबने से लोगों की मौत हो रही है. कई बच्चे की भी विद्यालय आने जाने के क्रम में डूबने से मौत हो चुकी है. यहां पुल बन जाने से आसपास के दर्जनों गांवों और पंचायत के लोग लाभान्वित होंगे. उत्तर प्रदेश की दूरी मात्र 2 किलोमीटर होगी. जबकि अभी 10 से 15 किलोमीटर दूरी तय कर उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए जाना पड़ता है. नदी के दोनों छोर तक पक्की सड़क पहुंची हुई है. जो पूरब से आकर नदी तक और पश्चिम से आकर भी नदी तट तक पहुंच रही हैं…..

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