तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय ने फिर से शुरू की हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर डिप्लोम !

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निभाष मोदी

आज तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर डिप्लोमा सत्र आरंभ उद्घाटन कार्यक्रम कुलपति नीलिमा गुप्ता के द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया ।उनका कहना हुआ की यह कोर्स जो हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार अपने विश्वविद्यालय में इसकी पढ़ाई बंद हो गई थी उसे फिर से नया जन्म दिया जा रहा है ।बताते चलें कि तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर डिप्लोमा सत्र का प्रारंभ हो चुका। आज के इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रुप में नीलिमा गुप्ता कुलपति तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय , विसिस्ट अतिथि राकेश रंजन संपादक दैनिक भास्कर भागलपुर , श्री जिवेश रंजन सिंह संपादक प्रभात खबर भागलपुर, साथ ही गरिमामई उपस्थिति डॉक्टर निरंजन प्रसाद यादव कुलसचिव, के एम सिंह के अलावे विश्वविद्यालय के कई पदाधिकारीगण एवं सभी विषयों के विभागाध्यक्ष भी मौजूद थे।
बताते चलें कि तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय भागलपुर में हिंदी विभाग की स्थापना 1950 ई. में हुई है ।इस विभाग के अध्यक्ष पद पर डॉ वीरेंद्र श्रीवास्तव ,डॉ शिवनंदन प्रसाद जैसे यशस्वी साहित्यकार कार्यरत रहे हैं ।यहां स्नातकोत्तर पढ़ाई के अलावा हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर डिप्लोमा का कोर्स भी संचालित था वर्तमान समय में कार्यरत प्राध्यापक साहित्य जगत में अपना स्थान रखते हैं । यह भी बताते चलें कि शोधकार्य के साथ-साथ रचनात्मक लेखन में भी यहां के प्राध्यापकों ने ख्याति अर्जित की है। उनके बदौलत आज फिर हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार जीवित हुआ है और नया जन्म लिया है।
कुलपति नीलिमा गुप्ता ने अपने उद्गार में कहा कि मैं सारी विषयों पर विचार कर रही थी तभी मेरे ध्यान में आया कि अपने विश्वविद्यालय में हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार की कक्षाएं नहीं चलती है फिर मैं इसका कारण ढूंढी तो पता चला यह अपने विश्वविद्यालय में पहले इस विषयों की कक्षाएं होती थी परंतु अभी बंद है इसी पर मैं तुरंत एक विशेष नोटिस निकलवाई और हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर डिप्लोमा की पढ़ाई फिर से शुरू करने की मुहिम चलाई और वह आज सार्थक हुआ आप देख सकते हैं आज हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर डिप्लोमा सत्र प्रारंभ को लेकर उद्घाटन कार्यक्रम है।
साहित्य का समाज शास्त्रीय अध्ययन, तुलनात्मक अध्ययन ,भाषा वैज्ञानिक अध्ययन, सिनेमा और साहित्य के अंतर्संबंध, साहित्य में विज्ञापन, मध्यकालीन कवि और आज के संदर्भ में उनकी प्रसंगिकता पत्रकारिता और हिंदी साहित्य स्वतंत्रता आंदोलन में हिंदी साहित्य का योगदान ,स्त्री विमर्श, दलित चेतना और हिंदी साहित्य इत्यादि रही हैं।
आज के इस उद्घाटन सत्र कार्यक्रम में हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डा. योगेंद्र महतो ने कुलपति नीलिमा गुप्ता को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया साथ ही इस कार्यक्रम में कई पत्रकार व कई छात्र मौजूद थे बताते चलें कि इस विषय में अभी तक 20 छात्रों ने अपना नाम नामांकन भी करा लिया है।

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