निभाष मोदी, भागलपुर

एक तरफ जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर पूरे देश में दो विचारधाराओं के बीच द्वंद देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के महिला रोग विभाग के द्वारा जनसंख्या नियंत्रण को लेकर कमान अपने हाथ में लेकर लगातार महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है , मायागंज अस्पताल में इन दिनों जनसंख्या नियंत्रण पखवारा मनाया जा रहा है, 11 जुलाई से प्रारंभ हुए पखवाड़े के दौरान महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अर्चना झा सहित कई महिला चिकित्सकों के द्वारा अस्पताल आने वाले महिलाओं को जनसंख्या नियंत्रण कर, किस तरह से अपना और अपने परिवार को स्वस्थ रखा जा सकता है, इस को लेकर जागरूक किया जा रहा है, डॉ अर्चना झा के नेतृत्व में चिकित्सकों का दल घूम घूम कर महिलाओं को स्वस्थ रहने के लिए जनसंख्या कंट्रोल का पाठ पढ़ा रही हैं, इस दौरान मायागंज अस्पताल की चिकित्सक डॉ अर्चना झा ने बताया कि महिलाओं में जागरूकता का अभाव और मन में भ्रांतियां रहने के कारण बिहार की जनसंख्या मैं लगातार वृद्धि हो रही है, इस पर अंकुश लगाने को लेकर महिलाओं को शिक्षित होना काफी आवश्यक है , साथ ही साथ महिला चिकित्सक ने कहा कि लड़की की शादी कम से कम 21 वर्ष में होनी चाहिए ,और खानपान पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए ,शादी के बाद कम से कम 2 साल के बाद पहला बच्चा ,और दूसरा बच्चा 3 से 5 साल बाद होना चाहिए, इसके लिए महिलाओं को गर्भनिरोधक ,गोलियां सुई और कापरटी का प्रयोग करना चाहिए ,साथ ही साथ दो बच्चा होने के बाद पुरुष या महिला को नसबंदी करा लेनी चाहिए, जिससे जनसंख्या पर नियंत्रण हो सके ,साथ ही साथ उन्होंने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि गर्भ निरोधक गोलियां या सुई का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है.




