भ्रष्टाचार के और कितने पुल!
विक्रमशिला सेतु पर हो सकता है कभी भी मौत का तांडव!

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निभास मोदी

तीन नंबर पिलर में आई दरार!

भागलपुर विक्रमशिला सेतु के तीन नंबर पाया में आई आ गई है, पाया में दरार होने के कारण से पूल की अस्तित्व खतरे में इतना ही नहीं विक्रमशिला सेतु पर बने सड़क भी जर्जर हो चुके हैं, चार पांच जगहों पर रेलिंग भी क्षतिग्रस्त हो गई है इधर जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को पुल निर्माण निगम के सहायक अभियंता मधुसूदन आनंद के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने नाव से पुल की स्थिति का जायजा लिया विक्रमशिला सेतु पुल के ऊपरी हिस्से का भी निरीक्षण किया निगम के अधिकारियों के मुताबिक मामूली दरार आई है देखने से ऐसा लगता है कि 8 साल पहले एक दरार रही होगी और उस समय किसी ने गौर नहीं किया होगा फिलहाल पुल को कोई खतरा नहीं है , उन्होंने कहा कि टीम के द्वारा जांच की जाएगी जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी भागलपुर जिला स्थित विक्रमशिला सेतु 18 साल पहले चालू किया गया था ।3 साल पहले इसे 14 करोड़ खर्च कर मरम्मत की गई थी साडे 4 किलोमीटर की खुदाई पर नया पुल रोड बनाया गया ।लाखों खर्च कर सड़क पर मरम्मत भी किया गया जिससे पुल पर जलजमाव ना हो। एजेंसी के एक इंजीनियर धर्मेंद्र यादव ने दावा किया था कि मरम्मत का कार्य किए जाने के बाद पांच 6 साल तक सड़क का कुछ नहीं होगा लेकिन निर्माण के डेढ़ साल बाद सड़क की मरम्मत की जरूरत पड़ने लगी।डेढ़ साल की मरम्मत के बाद कई जगह सड़क फिर टूट गई और खगड़िया मंडल के देखरेख में वर्ष 2018 में पुल की मरम्मत की गई ऐसे में पुल की दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इतना ना ही नहीं एजेंसी के इंजीनियर ने यह भी दावा किया था कि पुल कि पाया को कुछ नहीं हुआ और 25 से 30 साल तक पूल को कोई खतरा नहीं होगा। दरअसल सरकार ने ब्रिज रोड की नियमित सफाई करने के निर्देश दिए थे लेकिन विभाग की ओर से साफ सफाई पर ध्यान ना देने के कारण पुल पर बालू और कचरा का स्त्रोत निकासी कब बंद कर दिया गया पता ही नहीं चला बताते चलें कि इससे जलजमाव की समस्या पैदा हो गई है इसके चलते सड़क क्षतिग्रस्त हो चुका है और हो चुका है और सड़क टूट रही है ।

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