रिपोर्ट … धीरज शर्मा

भागलपुर । केंद्र सरकार की नई जनसंख्या नियंत्रण कानून बिहार के महागठबंधन के नेताओं को नागवार लग रहा है। महागठबंधन के नेता खुलेआम इसका विरोध करते दिख रहे हैं। इसका जीता जागता नमूना आप देख सकते हैं भागलपुर विधायक अजीत शर्मा और नाथनगर विधायक अशरफ अली सिद्धकी को। केंद्र सरकार की जनसंख्या नियंत्रण को लेकर जो कानून बनाया गया है वह काफी तूल पकड़ता जा रहा है ।इस पर राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज होते दिख रही है।जनसंख्या नियंत्रण को लेकर कानून बनाए जाने की चर्चा इन दिनों पूरे देश के साथ साथ बिहार में भी सुर्खियों में है, जिसको बिहार के एनडीए के घटक दल बीजेपी और जदयू भी एकमत नहीं हैं, बीजेपी जहां जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने के पक्ष में है, वहीं जदयू शिक्षा से लोगों को जागृत कर इस पर अंकुश लगाना चाहती है, वहीं महागठबंधन के घटक दल के नेताओं के द्वारा एक सुर में इस कानून का विरोध किया जा रहा है, कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजीत शर्मा ने केंद्र सरकार के द्वारा नए जनसंख्या कानून बनाए जाने के चर्चे पर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है, कांग्रेस विधायक ने कहा कि केंद्र सरकार अपनी विफलताओं को छुपाने और देश को गुमराह करने के लिए नए-नए कानून लाने की बात करता है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने की बात की थी ,जो वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है, कोरोना संक्रमण काल में केंद्र सरकार पूरी तरह विफल रहा और अगर बीजेपी के नेता देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून लाना चाहते हैं ,तो सबसे पहले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने पद से इस्तीफा देकर देश के सामने नजीर पेश करना चाहिए, क्योंकि वह अपने माता पिता की छठी संतान हैं , अजीत शर्मा ने जनसंख्या नियंत्रण की बात तो की, लेकिन उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण कानून का विरोध करते हुए कहा ,कि लोगों को शिक्षित कर जनसंख्या पर नियंत्रण किया जा सकता है, वहीं आरजेडी के नाथनगर से विधायक अली अशरफ सिद्धकी ने कहा कि सभी व्यक्ति अपना आहार लेकर दुनिया में आता है, राजद विधायक ने जनसंख्या कम करने को लेकर कई तरह के उपाय पहले सरकार के द्वारा किए जाने की बात करते हुए कहा कि सरकार के द्वारा किए गए उपायों का कोई हल नहीं निकला साथ ही अलीअशरफ सिद्धकी ने कहा कि आबादी कम करके क्या किया जाएगा, और उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह इस कानून का विरोध करते हैं।




