कड़ाके की ठंढ से जनजीवन अस्त व्यस्त, सबसे अधिक मजदूर परेशान!

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रिपोर्ट- ऋषिकेश कुमार

नालंदा जिले में पिछले 1 सप्ताह से लगातार कड़ाके की ठंड से आम जनजीवन अस्त व्यस्त है आलम यह है कि सुबह से लेकर शाम तक पूरा इलाका घने कोहरे की चादर में लिपटा हुआ रहता है। लोग इस करके की ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं शहरी क्षेत्र में नगर निगम के द्वारा कहीं-कहीं अलाव और कंबल का वितरण किया गया है लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में मजदूर तबके के लोग भगवान भरोसे ही जीने को मजबूर हैं। कड़ाके की ठंड को देखते हुए फिलहाल नालंदा जिले में
आठवीं तक के स्कूल ज्यादातर बंद हैं। मौसम विभाग ने बिहार में आगामी 18 जनवरी तक ठंड में किसी तरह की कोई तब्दीली नहीं होने का पूर्वानुमान बताया है। लोगों को इस कड़ाके की ठंड और शीत लहरी से सावधान रहने का भी सुझाव दिया है। 17 एवं 18 जनवरी को बिहार के कई जिलों में बारिश के आसार बताए गए हैं, जिसका असर नालंदा जिले में देखने को भी मिला। सुबह-सुबह हल्की-हल्की बूंदाबांदी भी हुई। जिससे ठंड और बढ़े गई है। मौसम विभाग ने 18 जनवरी तक कोल्ड डे के लिए लोगों से सावधान रहने का सुझाव दिया है। सड़कों पर विजिबिलिटी इतनी कम है कि हर छोटी बड़ी गाड़ियां दिन मे भी बत्तियां जलाकर सरक सरक कर चल रही है।

बाइट।अरुण कुमार स्थानीय
बाइट।प्रकाश कुमार पासवान मजदूर

ऋषिकेश संवाददाता नालंदा

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