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रिपोर्ट – पंकज कुमार!

जहानाबाद में हर्षोल्लास के साथ मुस्लिम समुदाय के लोग चेहल्लुम का पर्व मनाया। इसे लेकर आज गुरुवार को काको प्रखंड के अलीनगर पाली में जुलूस निकाला गया। जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगो ने हिस्सा लिया। यह जुलूस पाली इमामबाड़ा से कर्बला तक निकाला गया। बताते चले कि जुलूस मुहर्रम के 40वें दिन निकाला जाता है। इस दौरान जुलूस में शामिल हुए सैयद सलमान हुसैन ने बताया कि हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में हर साल चेहल्लुम मनाया जाता है। वे पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के नाती थे। उन्होंने बताया कि जुलूस में काफी लोगों ने हिस्सा लिया। बताया जाता है कि हजरत इमाम हुसैन अपने लश्कर के साथ कर्बला में लड़ रहे थे। तब मोहर्रम महीने की 10 तारीख को वे यजीदियों से लड़ते-लड़ते शहीद हो गए थे। इमाम हुसैन हजरत मोहम्मद, सल्लल्लाहो ताला अलेही वसल्लम के नवासे थे, जिनकी कुर्बानी के ठीक 40 दिन के बाद चेहल्लुम मनाया जाता है। इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग इमामबाड़ा में इकट्ठा होकर हज़रत इमाम हुसैन की शहादत की दास्तां सुनते हैं और अपने आप को गमज़दा महसूस करते हैं। इसके साथ हजरत इमाम हुसैन की याद में लोग सबिल का इंतजाम करते है।
मालूम हो के अलीनगर पाली इमामबाड़े में डॉक्टर इशाद हसन मासूमी द्वारा मज़लिस और सैयद सलमान हुसैन के द्वारा अलवीदाई नौहा पढ़ा गया। उसके बाद जुलूस अली नगर पाली के विभिन्न स्थलों से होते हैं कर्बला पहुंचा जहां सैयद मुबारक हसन ने नौहा पढ़ा।

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