रिपोर्ट – अभिषेक कुमार
पुलिस को गांजा की सूचना देने वाला ही निकला षंडयंत्रकारी,
चार को पुलिस ने दबोचा, उनके पास से 1.500 ग्राम गांजा किया बरामद
इमामगंज। थाना क्षेत्र के बसेता गांव से सोमवार को औरंगाबाद गोह के लिए बारात जा रही थी। इसी बीच इमामगंज एसडीपीओ मनोज राम को कॉल आता है कि एक बाराती गाड़ी में गंजा रखा है। जो बसेता गांव से बारात लेकर निकल गई है। और आर्टिका गाड़ी है। जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर बीआर 02 बिजी – 5704 है। इसकी सूचना पर इमामगंज एसडीपीओ मनोज राम ने डुमरिया मोड़ पर नाकाबंदी कर दि गई सूचना पर संदिग्ध वाहन की जाँच किया। जिसमें से 1.500 ग्राम गांजा बरामद किया। जिसके बाद पुलिस ने अपने साथ वाहन में बैठे बाराती समेत बाराती गाड़ी को थाना लाकर पूछताछ किया कर जटिल मामले का उद्भेदन किया। जिसके बाद मंगलवार को इमामगंज थाना परिसर में एसडीपीओ मनोज राम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस जानकारी दिया के सोमवार को एक बाराती गाड़ी में गांजा रखकर ड्राइवर और मालिक को फसाने के लिए षंडयंत्र रचा गया था। जिसमें चार बराती को भी पूछताछ के लिए थाना में लाया गया था। यह पुलिस के लिए बहुत ही चुनावतिपूर्ण मामला था। गांजा आखिर किसका है। चालक का या फिर बारातियों का है। उन्हों ने बताया के इतना चुनावतिपूर्ण घटना थी कि जो हमें सूचना दे रहा था। वो सीनियर पुलिस पदाधिकारी को भी सूचना दे रहा था। की इमामगंज में बाराती गाड़ी से गांजा पकड़ा गया है। जो स्थानिय पुलिस मैनेज करने के फिराक में है। उन्हों ने बताया के सूचना देने वाले को जब पकड़ा गया तो मामला सामने आया कि इमामगंज थाना क्षेत्र के रानीगंज के बाँस बाज़ार के निकट डॉक्टर द्वारिक के यहां दो कंपाउंडर काम करते थे। जिसमें एक वाहन मालिक और दूसरा धर्मेंद्र कुमार पिता रूपन यादव ग्राम अवरू गेरुआ थाना हंटरगंज जिला चतरा झारखण्ड निवासी है। उन्हों ने बताया गाड़ी मालिक कंपाउंडर का काम करते थे। जो डॉक्टर की नज़र में बेहतर काम कर विश्वास जमा लिया था और बेहतर पैसा भी कमा रहा था। वहीं धर्मेंद्र भी कंपाउंडर का काम करता था। जिसे यह बात नागवार गुजरा। जिसके लिए उसने एक योजना बनाई और गाड़ी मालिक को फसाने के लिए बारात जाने के दौरान गाड़ी में गांजा रखवा दिया। और पुलिस को सूचना देदिया। ताकि गाड़ी मालिक फस जाए और वे बदनाम हो जाएं। जिसके बाद डॉक्टर की नज़र में धर्मेंद्र अच्छा बन जाए। इसी को लेकर यह षंडयंत्र रचा गया था। और पुलिस को गुमराह किया गया। वहीं एसडीपीओ मनोज राम की सूझ बूझ से निर्दोष बरी हुए। इसके बाद सभी बारातियों को थाना से छोड़ा गया। वहीं षंडयंत्रकारी चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्त में आगए। इस घटना से एक कहावत चिरथार्त हो रही है कि दूसरे के लिए गड्ढा खोदा और खुद गिर गए। वहीं गिरफ्तार लोगों की पहचान एक नाबालिग के साथ चार लोगों शामिल है, जिसमें धर्मेंद्र कुमार पिता रूपन यादव अवरू गेरुआ थाना हंटरगंज ज़िला चतरा झारखण्ड निवासी,रवि कुमार पिता मोहन दास बसूरा थाना कोठी ज़िला गया निवासी, विकास कुमार पिता उपेंद्र यादव ग्राम कोसमा थाना इमामगंज ज़िला गया निवासी है। उनके पास से 1.500 ग्राम गांजा और चार मोबाइल जब्त किया गया है। वही एसडीपीओ ने बताया कि इस मामले में एक और युवक शामिल है जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। वहीं गिरफ्तार सभी लोगों को बुधवार को न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बाइट – मनोज राम एसडीपीओ
रिपोर्ट – अभिषेक कुमार
गया




