बांका से अश्वनी श्रीवास्तव की रिपोर्ट :
बांका(बिहार):-
पानी के लिए प्यासे ग्रामीणों ने भागलपुर-हंसडीहा मुख्य मार्ग को पुंसिया के समीप किया अवरुद्ध।
एक अदद चापाकल पर निर्भर है पूरा गांव, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं ग्रामीण।
चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी से उत्पन्न पेयजल संकट ने पीएचईडी विभाग व नल जल योजना के पारदर्शिता की पूरी तरह पोल खोल कर रख दी है। बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे मोरामा-बनगांव पंचायत के केवाड़ी गांव के ग्रामीणों का आक्रोश सोमवार को सड़क पर उतर आया। महिलाओं व बच्चे-बूढ़े, नौजवानों की भारी भीड़ पुंसिया बाजार स्थित मध्य विद्यालय के सामने पहुंचकर भागलपुर-हंसडीहा मुख्य मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया और प्रशासन सहित पीएचईडी विभाग हुआ पंचायत प्रतिनिधियों के विरुद्ध में जमकर नारेबाजी करनी शुरू कर दी। आक्रोशित ग्रामीणों छोटू यादव, मिथुन कुमार, संतोष रावत, कर्मवीर यादव, मनोरमा देवी, मुन्नी देवी, नीलम देवी, रूबी देवी, आशा देवी, रानी देवी, धानू देवी सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है। गांव के एक सरकारी चापाकल पर पूरा गांव आश्रित है। इस गांव में सरकार की महत्वाकांक्षी योजना हर घर नल का जल के लाभ से ग्रामीण शुरू से वंचित है। गांव का अन्य निजी चापाकल फेल है, ऐसी स्थिति में ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गए हैं अगर यही हालत रही तो यहां के ग्रामीण प्यासे मर जाएंगे। आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि पीएचइडी विभाग सहित स्थानीय प्रशासन व जनप्रतिनिधियों का ध्यान हम ग्रामीणों की ओर से पूरी तरह उपेक्षित है। मजबूर व बेबस होकर हमें सड़क पर उतरना पड़ा है। समाचार प्रेषण तक कोई विभागीय पदाधिकारी व वरीय पदाधिकारी आंदोलन कर रहे ग्रामीणों के बीच नहीं पहुंचे हैं। इधर भागलपुर-हंसडीहा मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह अवरुद्ध हो जाने से भीषण गर्मी के बीच आम यात्रियों सहित दूर-दराज तक यात्रा करने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के दोनों ओर छोटी बड़ी वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई है। बांका जिला के लगभग सभी गांव की हालात कमोबेश ऐसी ही है। पीएचइडी विभाग अपने कानों में तेल लेकर पूरी तरह सोई हुई है हालात यह है कि बांका जिला के शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण इलाकों का सरकारी चापाकल भूमि का जल स्तर अत्यंत नीचे चले जाने से अब पानी देना एक तरह से बंद कर दिया है, जो चापाकल फिलहाल ठीक है, वह भी अंतिम सांसे गिनने जैसी स्थिति में आ गई है। भीषण गर्मी के बीच गांवों में पेयजल के लिए त्राहिमाम मचने लगा है। कई सरकारी व गैर सरकारी नलकूप फिर से जीर्णोद्धार की बाट जोह रही है।
नीतीश कुमार सहायक अभियंता पीएचईडी विभाग धोरैया–
पीएचइडी विभाग के सहायक अभियंता नीतीश कुमार ने बताया कि खराब पड़े चापाकल ओ को दुरुस्त करने का कार्य जारी है, कार्य में और तेजी लाई जाएगी। मम्मी का जलस्तर नीचे चले जाने से ऐसी स्थिति उत्पन्न हो रही है विभाग अपने स्तर से कार्य शुरू करेगी।




