ई-फार्मेसी से ऑनलाइन दवा बेचने पर लगेगी लगाम

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रिपोर्ट अनमोल कुमार

Tata1mg, Practo, Apollo Amazon, Flipkart आदि
20 से अधिक फार्मेसी को नोटिस
इंटरनेट पर दवाओं की बिक्री और प्रचार की अनुमति नहीं

नई दिल्ली : ई-फार्मेसी पर केंद्र सरकार लगाम कसने जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ई-फार्मेसी द्वारा दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने वाली है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ई-फार्मेसी उस बिजनेस मॉडल का पालन कर रहे हैं, जो उन रोगियों इंटरनेट पर दवाओं की बिक्री और दवा के प्रचार की अनुमति नहीं लेना समस्या बन सकती है। जो ऑनलाइन दवा का ऑर्डर दे रहे हैं, उनकी डेटा गोपनीयता खतरे में है और दवाओं के दुरुपयोग की संभावना है। भारत के औषधि महानियंत्रक ने हाल ही में इंटरनेट पर दवाइयां बेचने वाली अवैध ई-फार्मेसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। डीसीजीआई द्वारा 8 फरवरी को ऑनलाइन फार्मेसी और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उन्हें दो दिनों के भीतर जवाब देने या देश में दवाओं की बिक्री और वितरण पर बिना किसी नोटिस के कड़ी कार्रवाई का सामना करने के लिए कहा गया था। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, ई-फार्मेसी ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की विभिन्न धाराओं का उल्लंघन कर रही हैं। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) ने 20 से अधिक ऑनलाइन फार्मेसी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया, जिसमें कुछ बड़ी कंपनियां जैसे Tata1mg, Practo, Apollo Amazon, Flipkart आदि शामिल हैं। ऑल इंडियन ओरिजिन केमिस्ट्स एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स (AIOCD) केंद्र सरकार को लगातार चेतावनी दे रहे थे कि ड्रग अधिनियम, फार्मेसी अधिनियम और अन्य दवाओं से संबंधित नियम, आचार संहिता, इंटरनेट पर दवाओं की बिक्री और दवा के प्रचार की अनुमति नहीं देते हैं।

नारकोटिक ड्रग्स की आपूर्ति
AIOCD ने कहा कि ऑनलाइन ऐप से नारकोटिक ड्रग्स, गर्भावस्था अवसान किट, एंटीबायोटिक्स और शामक दवाओं तक पहुंच आसान हो गई है और इसकी अंतरराज्यीय आपूर्ति सीधे रोगियों को होती है। राज्य एफडीए द्वारा इसका पता लगाना और ट्रैक करना काफी मुश्किल हो गया है।

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