रिपोर्ट अनमोल कुमार
मैंने तीनों खानों के लिए सजा-ए-मौत तय कर ली है
हलाला, तीन तलाक या पैगंबर पर फिल्म बना कर दिखा
फिल्म पठान में भगवा रंग का अपमान सोची-समझी साजिश
: संत जगतगुरु परमहंस आचार्य ने एक एक बड़ा विवादित बयान देते हुए कहा है कि फिल्म पठान में भगवा रंग का अपमान किया गया है। ये एक सोची-समझी रणनीति के तहत हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने के लिए, पैसा कमाने का लोगों ने धंधा बना लिया गया है। ये फिल्म जिहाद है। यह रणनीति तैयार करके किया जाता है, इसलिए आज हमने शाहरुख खान का पोस्टर जलाया है और मैं ढूंढ रहा हूं, जिस दिन शाहरुख खान मुझे मिल गया, चमड़ी उधेड़ कर जिंदा जला दूंगा।
महंत ने कहा कि मेरे आदमी मुंबई में ढूंढ रहे हैं। अगर हमसे पहले कोई सनातनी शेर उनको जिंदा जला दे तो उसके परिवार की आर्थिक मदद मैं करूंगा। उसका मुकदमा मैं लडूंगा। यही नहीं तीनों खानों को मैंने चिन्हित कर लिया है। पहले शाहरुख खान फिर आमिर खान और उसके बाद सलमान खान, इन सब के लिए सजा-ए-मौत मैंने तय कर ली है।
भगवा के बिना किसी का अस्तित्व नहीं
संत परमहंस ने कहा कि अगर तुम्हें भगवा से नफरत है तो तुम्हारी धमनियों में बहने वाला रक्त यह क्यों तुम्हारी धमनियों में बह रहा है। इसका रंग भी तो भगवा है, भगवा के बिना किसी का अस्तित्व नहीं हो सकता। भगवा भगवान सूर्य का रंग है, अग्नि का रंग है, शांति का प्रतीक है और सभी सनातन धर्म के मानने वालों का आन बान और शान है। स्वाभिमान का प्रतीक है भगवा। भगवा का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि शाहरुख खान का मजहब तो इस्लाम है। आज तक उन्होंने अपने मजहब पर न तो कोई वेब सीरीज और न ही फिल्म बनाई। मैं चैलेंज करता हूं कि हलाला, तीन तलाक या पैगंबर मोहम्मद की जीवनी पर फिल्म बना कर दिखा दे। पता नहीं 5 मिनट के अंदर कितने टुकड़े होंगे, कोई गिन नहीं पाएगा। केवल इनको पता है हिंदू मानवतावादी है, इसलिए उनका मजाक उड़ाओ और पैसा कमाओ।
संत परमहंस ने कहा कि जो सनातन की आस्था का मजाक बनाएगा, अपमान करेगा उस पर पलटवार होगा। इन जिहादी राक्षसों का वध हम लोग भी अब शुरू करेंगे। इसकी शुरुआत आमिर खान से शाहरुख खान से सलमान खान से होगी।




