रुपेश कुमार की रिपोर्ट
औरंगाबाद सदर अस्पताल को मॉडल अस्पताल का दर्जा तो जरूर मिल गया है लेकिन सुविधा के नाम पर नाकों रो रही है अस्पताल परिसर को 60 डेज के तहत रंग रोगन में लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं लेकिन उसके बावजूद भी दुर्दशा सुधारने का नाम नही ले रहा है अस्पताल के ड्रेसिंग रूम के रास्ता के समीप शौचालय का पाइप फट गया है जिस से की रास्ते में गंदगी का अंबार लगा हुआ है ऐसे में अस्पताल आने वाले मरीज नाक और मुंह बंद कर दम घुटने को मजबूर है ऐसे में जरूरत है स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को की समय रहते उसे बना लें ताकि दूर दराज से आने वाले मरीजों को इससे राहत मिल सके




