अपने कारनामो से फिर सुर्खियों में आया ये अस्पताल, मरीज को बाँट दी खराब हो चुकी दवाइयाँ!

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धर्मेंद्र कुमार की रिपोर्ट :-

पताही पीएचसी एकबार फिर आया सुर्खियों में। स्वास्थ्य मेला में खराब होकर काले पडे दवाओं का हुआ वितरण। ग्रामीणों में आक्रोश। सीएस ने जांच कराने का दिया आश्वासन। पूर्व में भी दवाओं के फैंकने और जलाने का मामला हुआ था उजागर।
:हम नही सुधरेगे कि तर्ज पर पूर्वी चम्पारण में चलता है स्वास्थ्य विभाग। इस वाक्या को चरित्रार्थ करता है जिले के पताही प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र। पिछले कुछ सालों से सुर्खियों में आये पताही के इस अस्पताल का एक और करनामा सामने आया है। इस करनामे में डॉक्टर और स्वास्थ्य विभाग के कर्मी मेला लगाकर लोगों को खराब होकर काले पड चुके दवाओं का वितरण कर रहे है।
सरकार के स्वास्थ्य विभाग और पूर्वी चम्पारण के डीएम के निर्देश पर पूजा त्योहार के दौरान स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया गया। अधिकारियों के निर्देश पर पताही प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ने पताही बाजार में मेला का आयोजन किया। जहां जरुरतमंदों का भीड उमडी। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों ने बुखार और दर्द के लिए पैरासिटामोल नामक दवाओं का वितरण किया। जरुरतमंदों ने दवा भी लिया लेकिन उसे तुरन्त वापस कर दिया। क्योकि दवाएं खराब दिखी। दवा काले पड गये थे। मौके पर मौजूद जिला परिषद स्वास्थ्य समिति के सदस्य श्याम सुन्दर सिंह ने कहा कि काले दवाओं की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिया जायेगा।
श्याम सुन्दर सिंह,सदस्य,जिला परिषद स्वास्थ्य समिति
स्वास्थ्य मेला में पहूंचे जरुरतमंदों ने जवा देख कर हंगामा किया। हंगामा करने के दौरान ग्रामीणों ने दवाओं को वापस कर लूट खसोट की शिकायत किया है। साथ ही ग्रामीणों को परेशान करने की साजिश करने का भी आरोप लगाया है। मेला में आये ग्रामीणों को मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों से थकावट पर बुखार होने पर पैरासिटामोल की गोलिया दिया। ग्रामीण महिला प्रभा देवी बताती है कि दवाई खराब है। हॉस्पीटल के लोग अच्छ दवाओं को बेच देचे है और खराब दवाओं को गरीबों को मारने के लिए दे रहे है। वहीं ग्रामीण रमप्रवेश दास का कहना है कि मेला में खराब दवाओं का विरण किया जा रहा है। दवाए काले हो गये है। खराब होने पर गरीबों को दवा देकर अपनी खानापूर्ति कर रहे हैँ.दवा काला होकर खराब हो गया है। हालांकि, दवा के रैपर पर पैकिंग नवम्बर 2021 और एक्सपायरी तिथि अक्टूबर 2023 लिखा है। इस बावत सिविल सर्जन से जब हमने जानकारी लेना चाहा तो सिविल सर्जन डॉ.अजनी कुमार ने दवाओं के काले होने की जानकारी से अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि दवाओं की जांच करायी जायेगी। साथ ही दवाओं के रखरखाव की भी जांच होगी।मेला या फिर शिविर सामूहिक रुप से ग्रामीणों और इलाके के लोगों के इलाज के आयोजित किया जाता है। जहां जवाओं की गुणवक्ता का ख्याल रखना चाहिए। मेला और शिविर में वितरित होने वाले मुफ्त की दवाओं की पहले से जांच और परख कर ही वितरित किया जाना चाहिए था। कार्य में लापरवाही के कारण एक बार फिर पताही प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सुर्खियों में आ गया है। इसके पहले भी दवाओं के जलाने और फेंकने के मामले पताही पीएचसी से उजागर हो चुके है। ऐसे में लापरवाह अधिकारियों औऱ कर्मियों पर कडी कार्रवाई करने की जरुरत है।

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