रिपोर्ट -अनमोल कुमार
सुशील मोदी उस वक्त डिप्टी सीएम के साथ उसी विभाग के मंत्री भी थे
भाजपा सम्राट चौधरी नाम का एक लड़का लाई, जो अनाप-शनाप बक रहा
पटना : बिहार में नगर निकाय चुनाव पर हाई कोर्ट के रोक के बाद भाजपा के आरोपों पर सीएम नीतीश ने पलटवार करते हुए कहा कि जब आरक्षण का कानून बना उस वक्त भाजपा भी सरकार में थी और सभी दलों से बातचीत के बाद ही सरकार ने फैसला लिया था। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि जब सरकार ने आरक्षण का कानून बनाया था तो सुशील मोदी न सिर्फ डिप्टी सीएम थे बल्कि उस विभाग के मंत्री भी थे। निकाय चुनाव को लेकर भाजपा जो आरोप लगा रही हैं, वह बिल्कुल गलत है। 2006 में ही सभी दलों के लोगों से विचार करने के बाद आरक्षण को लेकर कानून बनाया। उन्होंने कहा कि साल 2000 में राबड़ी सरकार के समय ओबीसी को जो आरक्षण दिया गया था उसको हाई कोर्ट में चैलेंज किया गया था। जिस पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी थी। जब राज्य में हमारी सरकार आई तो हमने ओबीसी में अति पिछड़ा को आरक्षण देने का काम किया। भाजपा उस वक्त हमारे साथ सरकार में थी, उनकी राय लेकर ही हमने आरक्षण का कानून बनाया था, आज भाजपा के लोग वो सब भूल चुके हैं। पंचायत चुनावों के साथ ही निकाय चुनाव में भी उसे लागू किया गया। राज्य में चार बार पंचायत का और तीन बार नगर निकाय का चुनाव उसी एक्ट के आधार पर हुआ।
वहीं, नीतीश कुमार ने विधान परिषद में विपक्ष के नेता भाजपा के सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा एक लड़का को लाकर रखी है, जो इन दिनों अनाप-शनाप बयानबाजी करते रहता है। वह भूल गया है कि उसके पिता को हमने सम्मान देने का काम किया था। जिन लोगों के लिए हमने बहुत कुछ किया वे आज उसे भूल गए हैं। उन्होंने सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले राजद में था उसके बाद जदयू में आया और अब भाजपा में गया है। वह क्या-क्या कर बोल रहा है, उसके पिता को हमने सम्मान देने का काम किया था। समता पार्टी बनाने के बाद गांधी मैदान में उनको पार्टी में शामिल कराए थे। जिन लोगों के लिए हमने बहुत कुछ किया वे आज उसे भूल गए हैं।




