धर्मेंद्र कुमार की रिपोर्ट :-
पुर्वी चम्पारण, ज़िले के मोतिहारी नगरनिगम की बदहाली का आलम और नालों की जाम की समस्या देखकर यही कहा जा सकता है की सबकुछ भगवान भरोसे है ।नगर निगम में अधिकारी बदलते जा रहे है लेकिन सुरते ए हाल बदलने की कोशिश नही हो रही है,करोड़ों की लागत से नालों को साफ करने के लिए खरीदी गई मशीनें दिखावे की वस्तु बनकर रह गई है, एक घंटे की मूसलधार बारिश से पूरा शहर खासकर हॉस्पिटल रोड,मिनाबाजार और मुहल्लो की तो बात ही बेमानी है , दुकानों में पानी घुस जा रहा है निचले इलाके में रह रहे लोगो के घरों में बदबूदार पानी घुसकर बीमारी की आशंका को बढ़ा रहा है ।जनता से टैक्स वसूली और लाखो की राशि प्रतिमाह सफाई एजेंसियों को देने के बाद भी नालों की हालत खराब है ।सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति का खेल चल रहा है बताते चले पूरे बिहार में चुने हुए प्रतिनिधियों और निगम प्रमुखों की पावर सीज कर दी गई और जिम्मेवारी जिलाप्रसाशन को दी गई पर हालात देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है की निगम लूट का अड्डा बन गया है ।सदर अस्पताल मोतिहारी में सैकड़ों मरीज इलाज के लिए आते है पर पूरा अस्पताल परिसर बजबजाती नालियों के बदबूदार पानी को झेलने के लिए विवश है ऐसे में लोगो का क्या कहना है ,,




