रिपोर्ट -अनमोल कुमार :-
एजेंसियों से नहीं, उसके पॉलिटिकल कैरेक्टर से विरोध
सिर्फ विपक्षी नेताओं पर ही छापे, भाजपा वालों पर नहीं
मोदी सरकार पर जमकर बरसे बिहार के डिप्टी सीएम
पटना : बिहार के उप मुख्यमंत्री व राजद नेता तेजस्वी यादव का कहना है कि उनकी CBI, ED जैसी एजेंसी के अधिकारियों से कोई दिक्कत नहीं है। वे बस इन एजेंसियों के पॉलिटिकल कैरेक्टर का विरोध कर रहे हैं। आठ सालों में जांच एजेंसियों को भाजपा की मोदी सरकार ने राजनीतिक बदले का एक उपकरण बना लिया है। अब तक CBI, ED और IT ने सिर्फ विपक्षी नेताओं पर ही छापे मारे, जबकि भाजपा के सैकड़ों विधायक-सांसदों पर एक भी कार्रवाई नहीं हुई। डिप्टी सीएम ने बुधवार को एक के बाद एक ट्वीट कर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि बीते आठ सालों में केंद्रीय जांच एजेंसियों को राजनीतिक प्रतिशोध का एक उपकरण बना दिया है। आठ साल पहले देशवासियों ने इनकी इंटेग्रिटी और कार्यप्रणाली पर इस तरह के सवाल कभी नहीं उठाए थे। अभी हमारा CBI से विरोध इंस्टीट्यूशन से नहीं बल्कि इनकी राजनीति से प्रेरित कार्यप्रणाली से है। तेजस्वी ने कहा कि जांच एजेंसियां केवल विपक्ष शासित राज्य और वहां के नेताओं पर ‘छापे मारकर’ अपने राजनीतिक मालिकों को प्रसन्न करने की कोशिश करती हैं। भाजपा के लगभग 300 से ऊपर सांसद और 1000 से अधिक विधायकों पर इन एजेंसियों द्वारा आज तक कोई रेड नहीं पड़ी। इसलिए इनके पॉलिटिकल कैरेक्टर से हमारा विरोध है।
जो नेता भाजपा में गया, वो पवित्र हो गया
डिप्टी सीएम ने कहा कि बीते आठ सालों में विपक्ष के कई नेताओं पर इसी IT, ED और CBI के छापे पड़े। ढेर सारे आरोप तय हुए, गोदी मीडिया के माध्यम से चरित्रहनन हुआ लेकिन जैसे ही उन कथित भ्रष्ट विपक्षी नेता भाजपा में शामिल हुए पवित्रता का प्रमाण पत्र पा गए। कोई मंत्री बन गया तो कोई मुख्यमंत्री बन गया।
बता दें कि हाल ही में जमीन के बदले नौकरी घोटाले में CBI ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के करीबी राजद नेताओं के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इसके बाद से तेजस्वी यादव लगातार CBI और ED जैसी केंद्रीय एजेंसियों की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।




