रिपोर्ट :- अनमोल कुमार :—-
जनता के दरबार में मुख्यमंत्री” कार्यक्रम में खुली मिथिला क्षेत्र के स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल…. अचंभित हुए सीएम नीतीश कुमार।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा “जनता के दरबार में मुख्यमंत्री” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जहां राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे लोगों ने सीएम को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने यहां पहुंचे लोगों की समस्याओं को ध्यान से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को इसके आवश्यक समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जनता दरबार में उस समय अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई, जब मधेपुरा से आए एक फरियादी ने वहां के मेडिकल कॉलेज की कुव्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। फरियादी की शिकायत सुन मुख्यमंत्री खुद अचंभित रह गए। और फिर वहीं से स्वास्थ्य विभाग के अफसर को फोन लगा दिया। उक्त अफसर को सीएम ने कहा कि हम मेडिकल कॉलेज खोलते रहेंगे और वहां कोई सुविधा ही नहीं मिलेगी तो ऐसे अस्पताल खोलने का क्या फायदा है।
उक्त शिकायत के बाद हतप्रभ मुख्यमंत्री ने फोन लगाकर स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को कहा कि यह तो आश्चर्यजनक बात है कि मधेपुरा के मेडिकल कॉलेज में कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। मेडिकल कॉलेज खोले जाएं और वहां कोई सुविधा ही नहीं मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि मधेपुरा में कर्पूरी ठाकुर जी के नाम पर मेडिकल कॉलेज खोले हुए तीन साल बीत गए। इसके बाद भी सुविधा को लेकर शिकायत आ रही है। इसका समाधान त्वरित रूप से किया जाय।
दरअसल मधेपुरा के फरियादी ने मुख्यमंत्री से कहा कि आपके द्वारा मधेपुरा में मेडिकल कॉलेज खोला गया। लेकिन वहां कोई सुविधा नहीं है। वहां न तो बेहतर इलाज की व्यवस्था है और न ही जांच की….छह माह से वहां अल्ट्रासाउंड भी नहीं हो रहा है। एमआरआई जांच की सुविधा आज तक प्रारंभ नहीं की गई है। क्षेत्र के लोगों को वहां बेहतर इलाज की सुविधा अनुपलब्ध है और यहां मरीजों को इलाज के नाम पर रेफर कर दिया जाता है।




