प्रशान्त कुमार की रिपोर्ट
बेगूसराय अब में गर्भावस्था के दौरान गर्भवती माताओं को गर्भ में शिशु विकसित नहीं हो रहा है या किसी प्रकार की बीमारियां है तो उसे गर्भ में ही इलाज करा जा सकता है इस तरह गर्भवती महिलाएं मुंगेर, पूर्णिया, पटना, नालंदा, मोतिहारी और अन्य दूर-दराज जाना पड़ता था अब बेगूसराय में ही “द फीटल मेडिसिन क्लिनिक” डाकबंगला रोड, उमर गर्ल्स स्कूल के सामने, डॉ. भव्या सरीन के साथ विशेष परामर्श लेकर इलाज करा सकते हैं। डॉ. भव्या एक भ्रूण चिकित्सा विशेषज्ञ (FMF UK Certified) हैं जो भ्रूण के विकास की निगरानी करती है, एवम् विकास संबंधी कठिनाइयों को विस्तार से समझकर भविष्य में गर्भधारण के लिए उपलब्ध उपचार विकल्प और परामर्श प्रदान कर रही है।
किसी भी जन्म दोष जैसे कटा हुआ तालु, हृदय आदि की विशंगतिया 3D एवम् 4D अल्ट्रासोनोग्राफी के द्वारा पता लगायी जाती हैl गर्भावस्था के दौरान नवजात में होनेवाली आनुवंशिक बीमारियों को गर्भावस्था के शुरुआती 12 सप्ताह में अल्ट्रासाउंड और कुछ जाँचों से पता किया जा सकता है। आज के युग में बढ़ते गर्भपात, जन्मजात विशंगतिया और जन्म के बाद भ्रूण की मृत्यु के कारण प्रमुख रूप से इस प्रकार हो सकते है l जैसे रासायनिक आधारित फल और सब्जियां
,जीएमओ आधारित खाद्य और डेयरी उत्पाद, मानसिक तनाव
,कुपोषित एवम् एकाधिक गर्भपात यह सब शामिल है। दी फीटल मेडिसिन क्लीनिक के उद्घाटन के मौके पर उद्घाटनकर्ता ने कहा कि मैं डॉ. भव्या सरीन का धन्यवाद और शुभकामना देते हुए कहां की इतनी माँ और उनके शिशुओं को नया जीवन कामयाब होंगे, जो शिशु शारीरिक और मानसिक रूप से अविकसित होते हैं, उनका मां के गर्भ में ही उपचार किया जाता है




