काशी कॉरिडोर में ध्वस्त मंदिरों धार्मिक प्रतीकों की हो जाँच-काँग्रेस

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मनोज कुमार की रिपोर्ट-

  • काशी कॉरिडोर निर्माण में ध्वस्त किए गए 43 मंदिरों,हजारों शिवलिंग, नंदी, अन्य धार्मिक आकृतियां की न्यायिक जांच कराए मोदी, योगी सरकार _ कांग्रेस *
    अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सदस्य सह क्षेत्रीय प्रवक्ता बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी प्रो विजय कुमार मिठू, पूर्व सांसद रंजीत सिंह उर्फ रंग बाबू, पूर्व विधायक डा युगल किशोर प्रसाद, जिला उपाध्यक्ष राम प्रमोद सिंह, जिला महासचिव विद्या शर्मा, टिंकू गिरी, विनोद उपाध्याय, उदय शंकर पालित सुजीत कुमार गुप्ता, राजेश कुमार अग्रवाल, राजेश्वर पासवान, सुरेंद्र मांझी आदि ने कहा कि मंदिरों की नगरी, प्रधानमंत्री जी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में काशी कॉरिडोर के निर्माण के समय ध्वस्तीकरण के दौरान विश्वनाथ मंदिर से हुबहू मिलता, जुलता मंदिर सहित 43 मंदिरों को तोड़ने, हजारों शिवलिंग, नंदी, डमरू, स्वास्तिक आदि को ध्वस्त करने के दौरान स्थानीय लोगो के विरोध को स्थानीय प्रशासन, केंद्र एवम् राज्य सरकार तथा इलेक्ट्रॉनिक एवम् प्रिंट मीडिया पूरी तरह दबाने का काम किया, जिसकी न्यायिक जांच जरूरी है।
    नेताओ ने कहा की ध्वस्त किए गए प्राचीन मंदिरों के दीवारों की कलात्मक आकृतियां देश, विदेश के इतिहासकारों यह याद कराने को मजबूर कर रहा है की मुगल साम्राज्य के पतन के साथ प्रभावशाली हिंदुओ ने इस अवधि में बड़े पैमाने जो मंदिर का निर्माण किया था, उसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
    नेताओ ने भाजपा, आर एस एस, विश्व हिंदू परिषद, हिंदू सेना, सहित सभी हिंदूवादी संगठनों से मंदिरों के शहर वाराणसी में ध्वस्त किए गया मंदिरों, शिवलिंगों, नदी एवम् अन्य आकृतियां के लिए न्यायिक जांच हेतु आवाज बुलंद करने की अपील किया है।

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