कार्यकारी संपादक पंकज कुमार ठाकुर
बख्तियारपुर नीतीश कुमार की कर्म भूमि है लाजमी है मुख्यमंत्री को यहां से ज्यादा लगाव है। और रविवार को वह अपने कर्म भूमि पर ही स्वतंत्रा सेनानी शीलभद्र बाजी के मूर्ति का अनावरण करने पहुंचे थे। इसी दौरान एक सिरफिरे युवक ने उन पर हमला कर दिया अचानक मुख्यमंत्री सकते में आ गए हालांकि एक ओर यह भी कहा जा रहा है। कि हमला करने वाले युवक पूरी तरह सरफिरा है और कुछ दिन पूर्व उसने आत्महत्या की भी कोशिश की थी। खैर मामला जो भी हो मुख्यमंत्री पर हमला किसी भी दृष्टिकोण से बर्दाश्त योग्य हो ही नहीं सकता। लेकिन सुरक्षा में बड़ी और गम्भीर चूक हुई है। मुख्यमंत्री की अपनी बिहार पुलिस पूरे सुरक्षा तंत्र और लाव लश्कर के साथ खड़ी है। बावजूद मुख्यमंत्री के सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई? जब बिहार में नीतीश के पास अपनी पुलिस है तो कोई पीछे से कैसे हमला कर सकता है। ऐसे में नीतीश कुमार पर हुए हमले के लिए उनके सुरक्षा व्यवस्था में लगे लोग अधिकारी सुरक्षा तंत्र को आगे आकर जवाबदेही लेनी चाहिए। आखिर जब सूबे के मुखिया ही सुरक्षित नहीं है तो आम जनमानस को सुरक्षा की गारंटी देगा कौन!
गर्व है आप पर आप मेरे मुख्यमंत्री हैं!
दरअसल इस घटना के तुरंत बाद उन्होंने उस युवक की पूरी जानकारी ली। और उसे माफ करते हुए, अधिकारियों को आदेश देकर युवक को हर हाल में इलाज कराने को कहा है। निश्चित ही आज हर बिहारी का कलेजा 56 इंच का होगा!




