धीरज शर्मा की रिपोर्ट
समवेत द्वारा ग्रामीण महिलाओं के परिप्रेक्ष्य में लैंगिक समानता विषय पर सेमिनार का किया आयोजन!
सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर “समवेत” भागलपुर द्वारा विद्या आश्रम लालूचक नाथनगर में “ग्रामीण महिलाओं के परिप्रेक्ष्य में लैंगिक समानता “विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का विधिवत उद्घाटन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अतुल वीर सिंह ,बाल विकास परियोजना पदाधिकारी नाथनगर मैरी लता किस्कू, समाज कर्मी छाया पांडे ,अरुणिमा सिंह, उप महापौर प्रीति शेखर तथा समवेत की वर्षा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया ।कार्यक्रम का विषय प्रवेश रखते हुए बाल कल्याण समिति के विक्रम ने कहा कि निर्णय की प्रक्रिया में बराबर की भागीदारी तथा समुचित शिक्षा, आर्थिक एवं राजनीतिक अवसर से ही लैंगिक समानता संभव है ।ग्रामीण परिपेक्ष्य में महिलाओं की चुनौतियां और भी बड़ी हैं, इसलिए इस विषय की प्रासंगिकता बढ़ जाती है। पितृसत्तात्मक समाज व्यवस्था में महिलाओं से जुड़े पूर्वाग्रह तथा परंपराओं की जड़ें ग्रामीण समाज में आज भी ज्यादा गहरी हैं ,जो कि उनके सशक्तिकरण और समानता में बाधक है। सेमिनार को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं की श्रमबल भागीदारी जहां दुनिया में 47% है वहीं भारत में केवल 21% ही है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर की आधी भी नहीं है।जो महिलाएं घर और खेतों में काम भी करती हैं उनको भी कमतर आंका जाता है ।ना तो उनके काम को महत्व दिया जाता है ना ही उस काम का मानदेय उन्हें प्राप्त होता है ।महिलाओं के श्रमबल का समुचित महत्व तथा समान वेतन से उनकी आर्थिक भागीदारी को बढ़ाया जा सकता है ।उनकी समान राजनीतिक भागीदारी होगी तभी उनके सामाजिक स्थिति में भी बदलाव सुनिश्चित होगा। सेमिनार को वंदना कुमारी, सुषमा अंशु , मनीषा ,गोपी कृष्ण मुरारी, दीपक कुमार चंचला कुमारी आदि ने संबोधित किया। मौके पर ऋशु, तनुजा, स्वीटी प्रिया, चंदा देवी ,स्मृति ,जूली, रेखा देवी, शिरोमणि देवी, नूतन कुमारी , सुनील कुमार मंडल, पूजा देवी,सुलेखा देवी ,रंजू देवी, वंदना कुमारी ,श्यामलता आदि उपस्थित थीं।




