खंडेलवाल ने नैतिक आधार पर ओएनडीसी पैनल से इस्तीफा दिया

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:- रागिनी शर्मा की रिपोर्ट

नैतिक आधारों का हवाला देते हुए और हितों के टकराव से बचने के लिए, कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने आज ओएनडीसी सलाहकार परिषद से इस्तीफा दे दिया है, जो की ई कॉमर्स प्लेटफार्म को सशक्त बनाने के लिए वाणिज्य मंत्रालय की सबसे महत्वपूर्ण समिति में से एक है।

श्री खंडेलवाल ने केंद्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल को भेजे अपने त्याग पत्र में, कहा है कि “चूंकि ओएनडीसी प्लेटफॉर्म कल लॉन्च किया गया था और अब यह जल्द ही एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के रूप में संचालन करना शुरू कर देगा, मेरा विचार है कि मेरा सलाहकार परिषद के सदस्य के रूप में बना रहना नैतिकता के खिलाफ होगा और हितों के टकराव को जन्म देगा क्योंकि कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) जल्द ही अपना भी ई-कॉमर्स पोर्टल “भारत ई मार्केट” लॉन्च करने जा रहा है, जिसका टैगलाइन “मेरे लिए- मेरे देश के लिए” है और मैं बीईएम के लिए बाजार खंगालने और जमाने के लिए बाध्य हूं ।

श्री खंडेलवाल ने आगे कहा कि “नैतिक मूल्यों को कायम रखते हुए और एक हितधारक होने के नाते, मेरे लिए ओएनडीसी सलाहकार परिषद के सदस्य के रूप में जारी रहना नैतिक और उचित नहीं होगा, जिस प्रकार इंफोसिस के श्री नंदन नीलकेनी जो अमेज़ॅन का समर्थन कर रहे हैं और श्री आदिल ज़ैनुभाई मौजूद है जो कि रिलायंस के बोर्ड मेंबर है ।

श्री खंडेलवाल वाणिज्य मंत्रालय में कोविड के पहले दौर के दौरान
2020 में ओएनडीसी के अवधारणा के दिनों से ही साथ जुड़े हुए थे, ।

कैट बिहार चेयरमैन कमल नोपानी, अध्यक्ष अशोक वर्मा सोनार व संयुक्त महासचिव आर सी मल्होत्रा ने खंडेलवाल जी के इस निर्णय को व्यापारियों की हितों को देखते हुए लिया गया निर्णय बहुत ही सराहनीय है। इससे साफ झलकता है कि कैट के किसी भी पदाधिकारी का कोई अपना स्वार्थ नहीं है वो सभी व्यापारी हितों की बात करते हैं । खंडेलवाल साहब को कैट बिहार का सैल्यूट।

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