प्रधानमंत्री आवास योजना प्रतीक्षा सूची सामने आते ही विवाद थमने का नाम नही ले रहा!

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रिपोर्टर– राजीव कुमार झा!

मधुबनी जिले के रहिका प्रखंड से प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रतीक्षा सूची को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। वेसे तो प्रकाशित सूची पर आपत्ति जताते हुए बड़े पैमाने पर अपात्रों एवं आवास का लाभ प्राप्त कर चुके लोगों के नाम दर्ज होने के साथ ही पात्र लोगों का नाम सूची मे दर्ज नही किए जाने को लेकर लोगो मे आक्रोश दिखाई दे रहा है। बेनीपट्टी के कपसिया पंचायत, लखनौर के गंगापुर, बासोपट्टी के डाला पंचायत से लेकर रहिका प्रखंड के नाजिरपुर पंचायत के श्रीचंदरपुर, वार्ड नंबर 3 में आवास प्लस ग्रामीण की प्रतीक्षा सूची को लेकर ग्राम सभा बुलाई गई थी। सभा की अध्यक्षता संबंधित पंचायत के मुखिया ने की। रहिका प्रखंड के श्रीचंदपुर पंचायत के मुखिया फुलपरी देवी की अध्क्षता मे आयोजित आम सभा में करीब 1200 लाभार्थियों के नाम पुकारे गए, जैसे ही सूची सामने आई, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते ग्राम सभा हंगामे में बदल गया।
लोगों ने मुखिया, वार्ड सदस्य और पूर्व एवं वर्तमान आवास सहायकों पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। गांव के लोगों का दावा है कि वर्ष 2021 से 2026 के बीच जिन परिवारों को पहले ही आवास का लाभ मिल चुका है, उनके नाम दोबारा सूची में शामिल कर दिए गए हैं।
वहीं, कई गरीब, जरूरतमंद और दिव्यांग परिवारों के नाम सूची से नाम गायब होने का आरोप है। गरं ने आरोप लगाया कि रकम लेकर संपन्न और पहले लाभ पा चुके लोगों को दोबारा सूची में जगह दी गई, जबकि गरीब परिवारों को कथित तौर पर पैसे के अभाव में वंचित कर दिया गया।
इतना ही नहीं, कुछ लोगों ने राशि की उगाही कर ठगी किए जाने का आरोप लगाते हुए लोगों ने मांग किया है कि विवादित सूची को रद्द कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर कार्रवाई किया जाय।
हंगामा बढ़ने के बाद मुखिया, वार्ड सदस्य और वर्तमान आवास सहायक आम सभा से चले जाने की बात लोगों ने कही।
हालांकि, इन आरोपों पर मुखिया, वार्ड सदस्य और वर्तमान आवास सहायक की ओर से कोई प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

अब सवाल उठता है की क्या जांच में आवास की इस सूची का सच सामने आएगा? और अगर गड़बड़ी हुई है, तो गरीबों के लिए जिम्मेदार कौन है?

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