सहरसा- कोसी का कहर: पानी में डूबे गांव, लाखों की आबादी बाढ़ से बेहाल!

SHARE:

रिपोर्ट – बिकास कुमार!

खबर सहरसा से है, जहां नेपाल के तराई इलाकों में लगातार हो रही बारिश के बाद कोसी नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। कोसी तटबंध के अंदर और बाहर रहने वाले लोगों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। नवहट्टा प्रखंड की सात पंचायत—केदली, हाटी, बकुनिया, डरहार, नौला और शाहपुर सहित अन्य प्रभावित पंचायतों में बाढ़ ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। वहीं सलखुआ और बनमा ईटहरी प्रखंड की पंचायतों में भी लाखों की आबादी बाढ़ की मार झेल रही है। कई गांवों में बाढ़ का पानी लोगों के घर-आंगन तक पहुंच गया है। हालात ऐसे हैं कि कई घरों में चूल्हे तक पानी में डूब गए हैं। घरों में पानी घुसने से लोगों के सामने खाने-पीने और रहने की समस्या खड़ी हो गई है। चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है और कई परिवार अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं। कुछ लोग मजबूरी में सुरक्षित ठिकाने की तलाश में तटबंध की ओर पहुंच रहे हैं। सबसे बड़ी परेशानी मवेशियों के लिए चारे की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव से बाहर निकलने के लिए पर्याप्त नाव की व्यवस्था नहीं की गई है। नाव के अभाव में लोग जरूरी सामान और मवेशियों के लिए चारा तक नहीं ला पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बाढ़ आती है और उनकी फसल बर्बाद हो जाती है, लेकिन इस बार भी प्रभावित परिवारों को अब तक प्लास्टिक तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। बारिश के बीच तटबंध पर पहुंचे लोगों को खुले आसमान के नीचे किसी तरह रात गुजारनी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ की जानकारी और हर साल आने वाली आपदा के बावजूद राहत और बचाव की पर्याप्त तैयारी नहीं की गई। नवहट्टा, सलखुआ और बनमा ईटहरी प्रखंड की लाखों की आबादी बाढ़ के पानी के बीच प्रशासन से नाव, प्लास्टिक, राहत सामग्री और मवेशियों के चारे की व्यवस्था की मांग कर रही है। वहीं जिला प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य के साथ जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।

Join us on: