रिपोर्ट – मनोज कुमार!
बिग ब्रेकिंग
बगहा
चंपारण तटबंध का बांध टूटाचखनी के खैरटवा में टूटा गंडक नदी का बांध!
बाढ़ के कारण तेज प्रवाह में टूटा बांध
तेजी से फैल रहा है रिहाईसी इलाकों की ओर नदी का पानी
सूचना पर आनन फ़ानन में पहुंचे अधिकारी
जल संसाधन विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर
बांध टूटने के बाद इलाके में मची है अफरा तफरी
सोमवार की सुबह बाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज से किया गया है 5. 43 लाख क्यूसेक पानी का भारी डिस्चार्ज
कार्यपालक अभियंता नेमी शरण ने की पुष्टि! खबर पश्चिम चंपारण जिले के बगहा-1 प्रखंड क्षेत्र में गंडक नदी के दबाव के कारण चम्पारण तटबंध में बड़ी दरार के बाद बांध टूट गया है। सोमवार की शाम करीब 8:30 बजे खैरटवा के पास तटबंध टूटने से पानी तेजी से आसपास के गांवों और निचले इलाकों की ओर फैलने लगा है। इससे क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
चखनी रजवटिया से रतवल जाने वाला करीब 14 किलोमीटर लंबा मार्ग इसी चम्पारण तटबंध के ऊपर से होकर गुजरता है। यह तटबंध गंडक नदी की बाढ़ से आसपास की ग्रामीण आबादी और कृषि क्षेत्र की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। चखनी रजवटिया से खैरटवा की दूरी करीब छह किलोमीटर है, जहां तटबंध टूटने की जानकारी सामने आई है।
तटबंध टूटने के बाद खैरटवा के अलावा आसपास के कई गांव और टोले बाढ़ की चपेट में आने की आशंका है। खैरटवा से पिपरिया करीब 1.8 किलोमीटर, सिंगारी गढ़वा करीब तीन किलोमीटर, रजवटिया करीब 3.2 किलोमीटर और चखनी करीब 3.9 किलोमीटर की दूरी पर है। वहीं बड़गांव, छोटकीपट्टी, एकडेरवा, डुमरिया और खरखरिया टोला समेत कई ग्रामीण इलाके भी प्रभावित हो सकते हैं।
स्थानीय स्तर पर अनुमान है कि बांध टूटने से पानी का फैलाव बढ़ने पर 50 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित हो सकती है। सबसे बड़ा खतरा तटबंध के निचले और दियारा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर है।
बाढ़ के पानी से हजारों एकड़ में लगी धान और गन्ने की फसल के डूबने की भी आशंका है। इससे किसानों की आजीविका पर बड़ा असर पड़ सकता है। तटबंध टूटने की सूचना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की तैयारी कर रहे हैं।




