रिपोर्ट – अवधेश कुमार!
जिले में एक बार फिर बेखौफ बदमाशो ने खूनी खेल खेलते हुए एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया है। पूरा मामला हथुआ थाना क्षेत्र के रूपनचक गांव की है जहां महावीरी अखाड़ा जुलूस का मेला देखने गए एक युवक की बदमाशो ने उसकी मां के सामने ही सीने में चाकू घोंपकर और उसे घुमाकर निर्मम हत्या कर दी। घटना के बाद मौके पर ही युवक ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया, जिससे मेला परिसर और आसपास के इलाके में भगदड़ और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मृतक अपने माता-पिता का इकलौता सहारा और घर का इकलौता चिराग था। उसकी मौत के बाद से ही परिजनों में चीख-पुकार और कोहराम मचा हुआ है। बेटे को अपनी आंखों के सामने इस तरह तड़पकर मरते देख मां सदमे में आकर मौके पर ही अचेत हो गई, जिसे स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक कि पहचान बसंत यादव का 18 वर्षीय बेटा हिमांशु यादव के रूप में की गई।
दरअसल घटना के संबंध में बताया जाता है कि, युवक अपने घर से सौ मीटर की दूरी पर गांव में ही आयोजित महावीरी अखाड़ा का मेला देखने निकला था। इसी बीच मेला में ही बदमाशों ने उसे घेर लिया। जब तक कोई कुछ समझ पाता, तब तक बदमाशो ने तेजधार चाकू से उसके सीने पर वार कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
मृतक के पिता ने गांव के ही कुछ लोगों पर इस जघन्य हत्या का आरोप लगाया है। पिता का कहना है कि पुरानी किसी रंजिश को लेकर गांव के ही बदमाशों ने उनके बेकसूर और इकलौते बेटे की हत्या की योजना बनाई थी। उन्होंने बताया कि बेटा गांव में ही घर से सौ मीटर की दूरी पर ही महाबीरी अखाड़ा जुलूस देखने गया था उसकी मां अपने घर के पास मौजूद थी। इसी बीच गांव के ही लोगों द्वारा उसे पहले लाठी डंडा से मारपीट करने लगे इसके बस सीने और हाथ ने चाकू गोद दिया और चाकू को घुमा कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। मेरी पत्नी चिल्ला रही थी लेकिन कुछ लोग उसे पकड़ लिए और वह बेहोश होकर गिर पड़ी।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभाला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है, हालांकि इस दर्दनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।मृतक दो बहन और अकेला भाई था जो पिछले साल मैट्रिक की परीक्षा दिया था फिलहाल अपने घर पर ही रहकर खेती करता था पिता मजदूरी कर परिवार का भरणपोषण करते है।
बाइट _बसंत यादव, पिता




