घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने वालों को अब राज्य सरकार भी दे रही है अतिरिक्त सहायता :- मुख्यमंत्री!

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:- रवि शंकर अमित!

सूरज की रोशनी से रोशन होगा बिहार, घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने वालों को अब राज्य सरकार भी दे रही है अतिरिक्त सहायता :- मुख्यमंत्री

मुख्य बिंदु :-

मुख्यमंत्री सोलर प्रोत्साहन योजना के तहत 1 किलोवाट पर 10 हजार रुपये, 2 किलोवाट पर 20 हजार और 3 किलोवाट पर 20 हजार रुपये की मिलेगी राज्य सहायता।

ग्रीन हाइड्रोजन के लिए भी जल्द लाई जाएगी नीति, बिहार में करीब 16 हजार करोड़ रुपये के निवेश की जताई गई संभावना।

अगले पांच वर्षों में राज्य में उद्योगों और अन्य क्षेत्रों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए 20 हजार मेगावाट बिजली का इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने का लक्ष्य।

पटना 22 सितम्बर 2026 मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने ऊर्जा ऑडिटोरियम, पटना में दीप प्रज्वलित कर ऊर्जा विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट अनावरण कर मुख्यमंत्री सोलर प्रोत्साहन योजना का उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत केंद्र सरकार की सहायता के साथ अब बिहार सरकार भी लाभार्थियों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता देगी। 1 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाने वाले लाभार्थी को केंद्र सरकार से मिलने वाली 30 हजार रुपये की सहायता के अतिरिक्त बिहार सरकार की ओर से 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। 2 किलोवाट पर केंद्र की 60 हजार रुपये की सहायता के साथ राज्य सरकार 20 हजार रुपये और 3 किलोवाट पर केंद्र की 78 हजार रुपये की सहायता के साथ बिहार सरकार 20 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता देगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने से आम लोगों के बिजली खर्च में कमी आएगी और सरकार पर बिजली सब्सिडी का बोझ भी कम होगा। उन्होंने कहा कि बिहार में वर्तमान में करीब 2.22 करोड़ बिजली कनेक्शन हैं, जिनमें लगभग 1.94 करोड़ घरेलू उपभोक्ता हैं। इनमें करीब 1.60 करोड़ परिवारों का पिछले एक वर्ष से बिजली बिल शून्य आ रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार बिजली सब्सिडी पर करीब 23 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है। अकेले कृषि क्षेत्र में बिजली सब्सिडी के रूप में करीब 5000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़कर इस राशि की बचत की जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले दो वर्षों में कृषि फीडरों को 100 प्रतिशत सोलर से संचालित करने की दिशा में काम किया जाएगा ताकि सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक सौर ऊर्जा से उत्पादित बिजली किसानों को उपलब्ध कराई जा सके। इससे किसानों को पर्याप्त बिजली मिलने के साथ ही सरकार को कृषि क्षेत्र में बिजली सब्सिडी के मद में करीब 5 हजार करोड़ रुपये तक की बचत हो सकती है। उन्होंने ऊर्जा विभाग को इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बिजली के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। पहले राज्य में करीब 350 मेगावाट बिजली की खपत थी जो आज बढ़कर करीब 10 हजार मेगावाट हो गयी है। अगले पांच वर्षों में राज्य में उद्योगों और अन्य क्षेत्रों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए 20 हजार मेगावाट बिजली के इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि केवल बिजली उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए ट्रांसमिशन, वितरण, ग्रिड, तार और अन्य आधारभूत संरचनाओं को भी मजबूत करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दिन के समय बिजली अपेक्षाकृत सस्ती दर पर खरीदती है, जबकि शाम 6 बजे से रात 10-11 बजे तक 18 से 19 रुपये प्रति यूनिट तक महंगी बिजली खरीदनी पड़ती है। इसलिए सोलर ऊर्जा के साथ पावर स्टोरेज और बैटरी स्टोरेज को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि राज्य में सोलर, बैटरी स्टोरेज, पंप स्टोरेज और अन्य ग्रीन एनर्जी सेक्टर में निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। ग्रीन हाइड्रोजन के लिए भी नीति लाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे बिहार में करीब 16 हजार करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने में बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्थानीय निकायों के लिए भी प्रोत्साहन राशि की घोषणा की। जिले में बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायत को 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसी प्रकार नगर निगम को 1 लाख रुपये, नगर परिषद को 75 हजार रुपये और नगर पंचायत को 50 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से गांव-गांव जाकर लोगों को सौर ऊर्जा के फायदे और सरकार की सहायता के बारे में जागरूक करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सक्षम परिवारों को अपने घरों पर सोलर प्लांट जरूर लगाना
चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं अपने घर पर 13 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास की चर्चा करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने वहां पर पहले से ही 190 किलोवाट का सोलर प्लांट लगवा रखा है जिसकी वजह से मुख्यमंत्री आवास का बिजली बिल शून्य आता है। उन्होंने कहा कि नेट मीटरिंग की व्यवस्था के माध्यम से घर की जरूरत से अधिक उत्पादित बिजली का लाभ भी उपभोक्ताओं को मिल सकता है। उन्होंने स्मार्ट मीटर का उल्लेख करते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर से बिजली की खपत और बिल की सही जानकारी उपभोक्ताओं को मिलती है। उन्होंने कहा कि बिहार में उद्योगों के विस्तार के लिए सस्ती और पर्याप्त बिजली जरूरी है। सरकार सोलर, स्टोरेज, बैटरी और अन्य ऊर्जा स्रोतों के माध्यम से बिजली क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र की पूरी संरचना की समीक्षा के लिए कमिटी बनाई गई है। कमिटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि बिहार ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार का विकास केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि 14 करोड़ बिहारवासियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए सभी विभागों और आम लोगों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने
कहा कि बिहार में कानून का राज है। अपराधी अपराधी होता है, उसकी कोई जाति नहीं होती। अगर अपराधी पुलिस को चैलेंज करेगा तो पुलिस उसका जवाब देगी। इससे पहले मुख्यमंत्री ने ऊर्जा ऑडिटोरियम में लगे सौर ऊर्जा से संबंधित विभिन्न कंपनियों के स्टॉलों का अवलोकन किया और अधिकारियों से जानकारी ली।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य के सभी प्रमंडलों में जन जागरूकता अभियान के लिए 9 सोलर स्थों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

कार्यक्रम के दौरान पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा 25000 लाभार्थियों को अतिरिक्त राज्य वित्तीय सहायता का हस्तांतरण किया गया। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने पुष्प गुच्छ और प्रतीक चिह्न भेंटकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।

कार्यक्रम में वितरण कंपनियों एवं जीविका के बीच राज्य में जीविका दीदियों के सहयोग से सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु एम०ओ०यू० पर हस्ताक्षर किया गया। इस मौके पर वीडियो फिल्म के माध्यम से ऊर्जा विभाग की उपलब्धियों और सौर ऊर्जा

की उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया। मुख्यमंत्री ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुपौल, नालंदा और मुंगेर के लाभार्थियों से बात की और सौर ऊर्जा के उपयोग करने के लिए उन्हें बधाई दी।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, ऊर्जा मंत्री श्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, ऊर्जा सचिव, अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक बी०एस०पी० एच०सी०एल० श्री अजय यादव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी श्री हिमांशु शर्मा, एस०बी०पी०डी०सी०एल० के प्रबंध निदेशक श्री सौरभजोरवाल, बी०एस०पी०टी०सी०एल० के प्रबंध निदेशक श्री नवल किशोर चौधरी सहित अन्य अधिकारीगण, योजना के लाभार्थीगण और आमजन उपस्थित थे।

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