राष्ट्रीय शांति-सौहार्द के लिए राजयोग मेडिटेशन साधना आवश्यक!

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रिपोर्ट डॉ अनमोल कुमार

प्राकृतिक आपदाओं में दिवंगत आत्माओं की शांति एवं समाज में सद्भावना के लिए ब्रह्माकुमारीज ने किया सामूहिक राजयोग साधना

राजयोग द्वारा मन की शांति संभव ब्रह्माकुमार भगवान भाई जी

सिमराही ( सुपौल) ।नगर पंचायत सिमराही स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, सिमराही बाजार के ओम शांति भवन में एक दिवसीय राजयोग मेडिटेशन एवं योग साधना कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्थानीय सेवा केंद्र प्रभारी बबीता दीदी,मुख्यालय माउंट आबू राजस्थान से आए हुए ब्रह्माकुमार भगवान भाई जी, किशोर भाई जी,अमला दीदी,सुमन बहन,पूजा बहन, बिना बहन,आरती बहन,रेणु बहन,रंजन बहन,नारायण यादव,राम शाह,अवध मेहता ब्रह्माकुमार किशोर भाईजी इत्यादियों ने दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारीज के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय माउंट आबू, राजस्थान से पधारे ब्रह्माकुमार भगवान भाई ने कहा कि “राजयोग द्वारा मन की शांति संभव है।” उन्होंने कहा कि राजयोग के अभ्यास से मन को सकारात्मक दिशा मिलती है और व्यक्ति सकारात्मक चिंतन, सकारात्मक वृत्ति एवं सकारात्मक दृष्टिकोण को अपनाकर व्यर्थ विचारों से बच सकता है। इससे तनाव कम होता है तथा व्यक्ति विपरीत परिस्थितियों में भी स्वयं को शांत एवं संतुलित बनाए रखने में सक्षम होता है।

भगवान भाई ने राजयोग की विधि समझाते हुए कहा कि स्वयं को शरीर नहीं, बल्कि चेतन आत्मा समझकर परमशक्ति परमात्मा का स्मरण करना, मन-बुद्धि को परमात्मा की ओर एकाग्र करना और उनके गुणों का चिंतन करना ही राजयोग है। राजयोग के माध्यम से व्यक्ति परमात्मा के साथ आत्मिक संबंध का अनुभव कर सकता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनाव, चिंता एवं नकारात्मकता बढ़ रही है। ऐसे समय में राजयोग मन को स्थिर, शांत और सकारात्मक बनाने का प्रभावी माध्यम है। राजयोग के अभ्यास से काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, ईर्ष्या, घृणा एवं नफरत जैसे मनोविकारों पर विजय प्राप्त करने में सहायता मिलती है और जीवन में शांति, धैर्य, सहनशीलता, नम्रता, एकाग्रता एवं अंतर्मुखता जैसे सद्गुणों का विकास होता है।

उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि राजयोग का नियमित अभ्यास व्यक्ति को विपरीत परिस्थितियों में भी सकारात्मक चिंतन बनाए रखने तथा मन को एकाग्र करने की शक्ति देता है। तनावपूर्ण परिस्थितियों में राजयोग संजीवनी बूटी की तरह कार्य करता है। राजयोग द्वारा आंतरिक शक्तियों एवं सद्गुणों को जागृत कर व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।

भगवान भाई ने कहा कि राजयोग के माध्यम से मन और इंद्रियों पर संयम बढ़ता है तथा मनोबल मजबूत होता है। जब व्यक्ति आंतरिक शांति एवं अतींद्रिय सुख का अनुभव करने लगता है तो बाहरी वस्तुओं और वैभव पर निर्भरता कम होने लगती है। उन्होंने सभी से नियमित रूप से राजयोग मेडिटेशन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

स्थानीय सेवा केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बबीता दीदी ने कहा कि वर्तमान की विपरीत एवं तनावपूर्ण परिस्थितियों में राजयोग मन को तनावमुक्त एवं शांत रखने में अत्यंत सहायक है। उन्होंने सभी से राजयोग को जीवन की नियमित दिनचर्या का अंग बनाने तथा स्वयं के साथ-साथ समाज में भी शांति एवं सद्भावना का वातावरण बनाने की अपील की।

कार्यक्रम के अंत में ब्रह्माकुमार भगवान भाई ने सभी भाई-बहनों को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया। सामूहिक योग साधना के दौरान उपस्थित लोगों ने शांति का अनुभव करते हुए नेपाल एवं बिहार की प्राकृतिक आपदाओं में दिवंगत आत्माओं की शांति, प्रभावित परिवारों को शक्ति तथा समाज, देश एवं विश्व में शांति-सौहार्द की कामना की।

इस अवसर पर सेवा केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बबीता दीदी, ब्रह्माकुमार भगवान भाई, किशोर भाई, अमला दीदी सुमन बहन, पूजा बहन,रेणु बहन, बिना बहन,आरती बहन, रंजन बहन,रवि भाई,नारायण भाई,राम भाई अवध मेहता, शांति देवी इंद्रदेव चौधरी,सतनारायण भाई सहित ब्रह्माकुमारीज के अनेक भाई-बहन एवं माताएँ उपस्थित रहीं।

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