पंकज का पंच,गुस्ताखी माफ हम तो बोलेंगे हुजूर!
नेतागिरी अब सेवा नहीं एक जुआ है।
जीते तो एक का एक सौ के हिसाब से वसूली!
हारे तो हरिनाम…! सबका pc सेट है।
मैडम/सर चिल्लर समेटने में बदनाम होते रहे।
भाई स्मार्ट तरीके से लूटपाट करते हुए भी हरिश्चंद्र बना रहा।
Nh-80 पर कुछ कहना मतलब भजन करना!
धूमिल की निन्म लाइनें यहां सटीक बैठ रही हैं:-
हमने हर एक को आवाज दी है
हर एक का दरवाजा खटखटाया है
मगर जिसकी पूंछ उठाई
उसको मादा पाया है
सांसद लिख रहे कोई समस्या हो तो बताइए। लगता है ट्रोल हो गए तो पोस्ट डिलीट कर दिया!
महात्मन…! 90 दिन बीते कितना 90 दिन बीता?
दुर्भाग्य भागलपुर का…!
कोई गोद लेकर मजे ले रहा है तो कोई गोद में बैठकर मजा लूट रहा है…!




